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इस बार संसद में युवतियों का दबदबा, रूपहले परदे के ये सितारे भी दिखेंगे

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लोकसभा चुनाव, 2019 में बीजेपी ने कांग्रेस को बुरी तरह मात दी है। एनडीए-NDA के खाते में जहां 542 सीटों में से 352 सीटें आई हैं, वहीं यूपीए-UPA के हिस्से में अब तक सबसे कम 92 सीटें हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में महिलाओं का दबदबा साफ दिखा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से चुन कर आयीं ये 78 महिलाएं अब संसद में नजर आएंगी। ये संख्या इतिहास में रिकॉर्ड हो गयी है, इसलिए अब तक सबसे ज्यादा बतायी जा रही है.

मोदी सरकार में ही ये वृद्धि बताती है कि बीजेपी समर्थकों के नंबर बढे हैं. कुल 8040 उम्मीदवारों में 717 महिलायें इस बार एमपी बनी हैं. इसका मतलब है कि कुल उम्मीदवारों में से सिर्फ 9 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आयी हैं. ये संसद में चुनकर आयीं कुल एमपी का सिर्फ 14.36 प्रतिशत है. 2014 में 668 महिलाएं चुनी गयी थीं. हालांकि कुल परसेंट में ये नंबर बहुत छोटा है, लेकिन पहले के चुनाव की तुलना में ज्यादा होता जा रहा है.

इस बार चुनी एमपी की औसत ऐज 43 साल है, लेकिन 23 महिलाएं 40 साल की हैं. सबसे कम उम्र की चन्द्राणी मुर्मू हैं. वे 25 की हैं और सबसे ज्यादा उम्र की प्रणीत कौर हैं, वे 74 साल की हैं. एजुकेशन को देखें तो 76 प्रतिशत महिलाएं ग्रेजुएट हैं, जबकि 17 महिला एमपी 12 तक पढ़ी हैं, 8 एमपी अभिनेत्री रही हैं. इनमें किरण खेर, सुमनलता अम्बरीष, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, नुसरत जहां रूही, सताब्दी रॉय, मिमी चक्रबर्ती और लॉकेट चटर्जी शामिल हैं.

एवरेज पर गौर करें, अब ओडिशा की 23 में से 7 महिला एमपी हैं. वहां कुल 23 एमपी में से ये आंकड़ा सामने आया है. 2014 के मुकाबले पांच राज्यों में महिला एमपी का प्रतिनिधित्व बढ़ा है. इनमें ओडिशा में 2014 की तुलना में 2019 में 33 प्रतिशत, गुजरात में 2014 की 15.4 की तुलना में 2019 में 23 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 2014 के मुकाबले इस बार 16.7 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 2014 के 8 प्रतिशत के मुकाबले 2019 में 16 प्रतिशत और झारखण्ड में 2014 में 0.0 के मुकाबले 14.3 प्रतिशत वोट मिले.

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