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कासिम को गोली मार दी गई, कैसे होगा सबका साथ और सबका विश्वास.

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देश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले मुसलसल हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. लोकसभा चुनाव के बाद पहले मध्यप्रदेश फिर गुरुराम और अब बिहार के बेगूसराय में एक शख्स के महज मुस्लिम होने की वजह से गोली मारे जाने की घटना सामने आयी है. इससे संबंधित एक वीडियो भी सामने आई है. वीडियो @t_d_h_nair नाम के ट्विटर हैंडल से पोस्ट कि गई है. हम इस वीडियो कि आधिकारिक रूप से पुस्टि नहीं करते हैं.

पीड़ित मोहम्मद कासिम का कहना है कि वह पान की दुकान के सामने अपनी बाइक के साथ खड़ा था तभी राजीव यादव नाम का एक शख्स आया और उसने पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है. मोहम्मद कासिम के नाम बताने पर हमलावर राजीव यादव ने कहा कि “मुस्लिम हो तो यहां क्या कर रहे हो, तुम्हें तो पाकिस्तान में होना चाहिए”. और यही बात कहकर उसने कासिम को गोली मार दी. कासिम को गोली पीठ पर लगी.

कासिम का कहना है कि वह अभी दूसरी गोली भरने ही जा रहा था कि तभी उसने धक्का मारकर उसे निचे गिरा दिया और वहां से भाग निकला. जिसके बाद वह मुखिया के पास पहुंचा. कासिम से जब पूछा गया कि कोई छुड़ाने नहीं आया. तो कासिम ने कहा कि हमलावर कट्टा लहरा रहा था कोई कैसे उसके पास आ सकता था.

नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार अब ‘नयी ऊर्जा के साथ, नए भारत के निर्माण के लिए नयी यात्रा’ शुरू करेगी. करीब 75 मिनट के भाषण में मोदी ने अल्पसंख्यकों का भी विश्वास जीतने की जरूरत बताते हुए कहा कि वोट-बैंक की राजनीति में भरोसा रखने वालों ने अल्पसंख्यकों को डर में जीने पर मजबूर किया, हमें इस छल को समाप्त कर सबको साथ लेकर चलना होगा.

वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को साथ लेकर चलने की बात कही है लेकिन हम ज़मीन पर उतर कर देखें तो परिस्तिथि बिलकुल जुदा है. बेगूसराय में कासिम पर हुआ हमला एक अकेली घटना नहीं है. मध्यप्रदेश के सियोनी में एक मुस्लिम दंपति को कुछ तथाकथित गौ रक्षकों ने रोक कर पीटना शुरू कर दिया और उनसे जबरन जय श्री राम का नारा लगवाया गया. उन्होने पति से बाकायदा अपनी पत्नी को चप्पल से पिटवाया भी.

एक तरफ प्रधानमंत्री न्यू इंडिया और विश्व गुरु बनने की बात करते हैं दूसरी तरफ आये दिन दलितों और अल्प्शंख्य्कों पर हमले की खबर आती हैं. बीते सालों में केंद्र और राज्य की सरकारें इन सब मुद्दों पर कोई ठोस कदम उठाती नज़र नहीं आई है.

प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषण में सबका साथ और सबका विकास की बात करते हैं, देखना होगा कि क्या इस बार के कार्यकाल में हक़ीक़त में सबका साथ सबका विकास होता है या फिर इस बार भी ये नारा भाषणों तक सिमट कर रह जायेगा.

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