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चंद्रयान-2 : अब भारतीय भी जा सकेंगे चाँद पर

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख सिवन ने गुरुवार को कहा कि सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक, भारत अपने स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन को लॉन्च करने की योजना बना रहा है.

यह परियोजना गगनयान मिशन का विस्तार होगा, जिसका उद्देश्य 2022 में एक भारतीय को अंतरिक्ष में भेजना है.

सिवन ने बताया कि हमें मानव अंतरिक्ष मिशन के लॉन्च के बाद गगनयान कार्यक्रम को बनाए रखना होगा. इसी के चलते भारत अपना स्पेस स्टेशन तैयार करने की योजना बना रहा है.

चंद्रयान -2 का भारत का दूसरा मिशन, 15 जुलाई को लॉन्च किया जाएगा, सिवन ने बुधवार को कहा.

प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के अंतरिक्षयान से GSLV MK-III वाहन पर 2.51 बजे होगा.

उन्होंने कहा कि उपग्रह के संबंध में चंद्रयान -2 की मिशन लागत 603 करोड़ रुपये की है. GSLV MK III की लागत 375 करोड़ रुपये है.

चंद्रयान-1 कितना सफल रहा

चंद्रयान-1 का मिशन दो साल का था लेकिन उसमें ख़राबी आने के बाद यह मिशन एक साल में ही समाप्त हो गया. उस लिहाज़ से अगर देखा जाए तो इसरो कहता है कि उसने चंद्रयान-1 से सबक़ लेते हुए चंद्रयान-2 मिशन में सारी कमियों को दूर कर दिया है.

इसरो ने कहा है कि उसने चंद्रयान-2 को इस तरह से बनाया है कि उसका ऑर्बिटर सालभर चंद्रमा की कक्षा में काम करे और लैंडर एवं रोवर धरती के 14 दिन के लिए चांद की सतह पर काम करेंगे.

ISRO के चेयरमैन डॉक्टर सिवन ने कहा, ‘ISRO की नजर अब सूरज तक है. इसरो इसके लिए एक मिशन ला रहा है. इस मिशन में सूरज के लिबरेशन पॉइंट 1 पर एक सैटलाइट भेजने की योजना है.’ भारत की अंतरिक्ष में भविष्य की योजनाओं पर डॉक्टर सिवन ने कहा कि भारत की नजर अंतरिक्ष ताकत बनने पर भी है.

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