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जानिए कैसे एक दूसरे को जागरूक करके जलवायु परिवर्तन से बचा जा सकता हैं

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जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या बनी हुई हैं. भारत समेत कई अन्य देशों के वैज्ञानिक इस खतरे से बचने के लिए काम कर रहे हैं व नए- नए कदम उठा रहे हैं. वैज्ञानिकों ने जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए एक और तरीका ढूंढा है. जिसके तहत यदि लोग जलवायु परिवर्तन को लेकर एक दूसरे को जागरूक करते हैं, तो इस खतरे को कम किया जा सकता हैं.

इन तरीकों के कारण जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सकता हैं

जलवायु परिवर्तन से बचने के लिए हमें पृथ्वी के अनुकूल भोजन ग्रहण करने के साथ- साथ जीवाश्म ईंधन के प्रयोग से बचना होगा.

वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि जलवायु परिवर्तन के बारे में जो लोग जानकारी रखते है. वह अपने दोस्तों को इस परिवर्तन से होने वाले खतरों के बारे में बता सकते हैं. इससे जलवायु के खतरे से होने वाले नुकसान को कम करने में सहयोग मिलेगा और पृथ्वी संरक्षण की दिशा में काम कर सकेगी.

PLOS कंप्यूटेशन बायोलोजी में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि सामाजिक रूप से भी जलवायु परिवर्तन के संबंध में की जाने वाली भविष्यवाणियों को बदला जा सकता है. इस रिसर्च के अनुसार ग्लोबल वॉर्मिग के खतरे को भी कम किया जा सकता हैं.

कनाडा की GULF और WATERLU यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक नया गणितीय मॉडल विकसित किया है. जिसमें यह अनुमान लगाया गया है कि लोगों को सामाजिक सीख देकर भी जलवायु परिवर्तन के खतरों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

गल्फ़ यूनिवर्सिटी की मधुर आनंद ने कहा है कि मानवीय व्यवहार का प्रभाव जलवायु के साथ-साथ प्राकृतिक तंत्र पर भी पड़ता है और जलवायु प्रभावित होने पर यह हमारे व्यवहार में बदलाव लाती हैं, इसीलिए लोगों को जागरूक कर जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम किया जा सकता है.

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