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झारखण्ड हॉकी टीम ने सेमीफइनल में जगह बनाई.

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रायपुर में चल रहे 9वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर हॉकी चैम्पियनशिप 2019 में झारखंड की हॉकी टीम ने सेमी फाइनल में जगह बना ली। क्वार्टर फाइनल मैच में हरियाणा की टीम को झारखण्ड की टीम ने 2-0 से हरा कर टूर्नामेंट में मज़बूत दावेदारी पेश की है।

क्वाटर फाइनल मैच में झारखंड की तरफ से दोनों ही गोल असीम आइन्ड ने किया। आपको बता दें कि पिछले 5-6 वर्षों में झारखंड पुरुष टीम पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई है, जबकि इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली एक और टीम ऑल इंडिया साई टीम है। उसमें भी ज्यादातर खिलाड़ी झारखंड के है।

हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह खिलालियों को मोटीवेट में कोई कसार नहीं छोड़ते. टीम के कोच जयदीप महाराणा और मनेजर नरेंद्र कुमार है।

टीम की जीत और सेमिफिकल में जगह बनाने पर हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह, सीईओ रजनीश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशिकांत प्रसाद, उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी, माइकल लाल सहित समस्त पदाधिकारियो ने बधाई और सेमी फाइनल के लिए शुभकामना दी।

हॉकी दुनिया के सबसे पुराने खेलों में से एक है, हॉकी ओलंपिक गेम्स से भी पुराना खेल है। अरबी, यूनानी, रोमियों और फारसी से इथियोपियाई तक हॉकी को खेला गया है लेकिन बहुत कम देशों में ही हॉकी को उचित स्थान मिल सका है।

दरअसल हॉकी को भारत में ब्रिटिश सेना के रेजिमेंट्स द्वारा पेश किया गया था। इसके बाद इस गेम की लोकप्रियता लगातार बढ़ती चली गई और इस गेम ने भारत में अपनी एक अलग जगह बना ली।

आपको बता दें कि 29 अक्टूबर 1908 में लंदन में ओलंपिक में पहली बार हॉकी खेला गया उस वक़्त सिर्फ 6 टीमें थीं। वहीं 1924 में अंतर्राष्ट्रीय कारणों की वजह से यह खेल ओलंपिक में शामिल नहीं हो सका। वहीं1924 में, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन (एफआईएच) का गठन हुआ और तीन साल बाद, अंतराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ वुमन का गठन किया गया।

हॉकी एशिया में सबसे पहले भारत में खेला गया। पहले दो एशियाई खेलों में भारत को खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन तीसरे एशियाई खेलों में भारत को पहली बार ये मौका हाथ लगा। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने हॉकी में इंटरनेशनल मैच में भी बढ़िया प्रर्दशन कर खूब नाम कमाया और जीत हासिल की.

आपको बता दें कि भारतीय हॉकी टीम ने अभी तक कुल 8 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। वहीं अभी तक हॉकी खेल में लगातार इतने स्वर्ण पदक किसी भी देश की राष्ट्रीय टीम नहीं हासिल कर पाई है।

इसके अलावा भारत ने ओलंपिक में कुल 11 पदक जीते हैं जिनमें से 8 स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि भारत ने ओलंपिक खेलों में साल 1928 से 1956 तक लगातार 6 स्वर्ण पदक जीते थे इसके बाद भारतीय टीम ने दो स्वर्ण पदक साल 1964 और 1980 के ओलंपिक में जीते थे।

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