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प्रज्ञा सहित 3 नेताओं के बयानों से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं, तीनों बयान अनुशासन समिति के पास

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शाह ने कहा– तीनों भाजपा नेताओं ने बयान वापस लिये और मांग ली माफी
शाह ने कहा– ‘भाजपा की गरिमा और विचारधारा के उलट ये बयान पार्टी के लिए गंभीर’

प्रज्ञा ने गाेडसे पर अपने बयान पर माफी मांगी

नई दिल्ली। भाजपा नेताओं की ओर से आये विवादित बयानों के कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हालात संभालने के लिए आगे आना पड़ा है। उन्होंने अपने एक ट्वीट ने कहा कि 2 दिनों के दौरान पार्टी के तीन नेताओं के आये बयान का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। इसे लेकर अनुशासन समिति 10 दिन में रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगी। भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भोपाल में बृहस्पतिवार को चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि नाथूराम गाेडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकवादी कहने वाले अपने भीतर झांककर देखें, उन्हें सब समझ आ जाएगा। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी। बयान की रिपोर्ट आगर-मालवा के जिला निर्वाचन अधिकारी ने मध्य प्रदेश स्थित राज्य चुनाव आयोग को सौंप दी थी।

‘पार्टी ने ऐसे बयानों को गंभीरता से लिया’

शाह कहते हैं कि पिछले 2 दिनों के भीतर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े, भोपाल से लोकसभा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और दक्षिण कन्नड़ सीट से सांसद नलिन कटील के आये बयान उनके निजी विचार हैं। उनकी बातों से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। इन तीन लोगों ने स्वयं के बयान वापस लिये और माफी भी मांग ली। फिर भी सार्वजनिक जीवन के साथ भाजपा की गरिमा और विचारधारा के उलट ऐसे बयानों को पार्टी ने संजीदा ढंग से लिया है। तीनों वक्तव्यों को अनुशासन समिति को भेजने का निर्णय हुआ है। तीनों नेताओं से उत्तर मांगकर समिति पार्टी को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।

प्रज्ञा पर राष्ट्र द्रोह का मामला दर्ज हो

पिछले दिनों दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने तमिलनाडु के एक कार्यक्रम में शिरकत के दौरान खुलकर महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को पहला ‘हिंदू आतंकवादी’ कहा था। जब संवाददाताओं ने प्रज्ञा से हासन के बयान पर प्रतिक्रिया देने को कहा तो उन्होंने गोडसे के लिए ‘देशभक्त’ शब्द का इस्तेमाल किया। लेकिन तभी से कांग्रेस प्रज्ञा के बयान को लेकर हमलावर है। कांग्रेस ने प्रज्ञा पर देशद्रोह का मामला दर्ज कराने तक की मांग कर डाली।

कमलनाथ के कहा- राष्ट्रपिता के विरुद्ध बोलने वालों को अदालत में घसीटा जाए

कांग्रेसी और एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता को लेकर ऐसा कहने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। कमलनाथ ने ये भी कहा कि ये तो शुक्र है कि प्रज्ञा ने गोडसे को देवता नहीं कहा। इस तरह के बयान भाजपा की विचारधारा का प्रतीक हैं। इस बीच, दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोडसे महात्मा गांधी का हत्यारा था और भाजपा नेता उसे महिमामंडित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष और भाजपा के नेता राष्ट्र से माफी मांगें, क्योंकि गोडसे का ‘महिमामंडन’ देशभक्ति नहीं, देशद्रोह है।

सुरजेवाला : भाजपा के लोग गोडसे के वंशज

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपाई गोडसे के वंशज हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या गाेडसे देशभक्त था और हेमंत करकरे देशद्राेही थे ? शहीदाें का अपमान और हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देना भाजपा के डीएनए में है।

प्रज्ञा के ऐसे बयान भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं
प्रज्ञा ने कहा था कि 18 अप्रैल को हेमंत करकरे को मेरा श्राप लगा। मेरे जेल जाने के 45 दिनों के बाद वह आतंकी हमले का शिकार हुए।
इसके अलावा 21 अप्रैल को मैंने कहा था कि बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराये जाने का मुझे कोई दुःख नहीं है, बल्कि गर्व है। मैंने खुद ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ा था।

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