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भय्यू महाराज की बड़ी बेटी कुहू,बालिग होने के बाबजूद भी ट्रस्टी नहीं बन सकी

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भय्यू महाराज के मौत को आज 1 साल हो गया, लेकिन आज भी उनकी बेटी “कुहू” सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट में ट्रस्टी नहीं बन सकी जब की कुहू पिछले साल ही बालिग हो चुकी थी और उन्हें ट्रस्टी बनाने के लिए वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी थी। लेकिन कुहू की सहमति नहीं मिलने की वजह से ये संभव नहीं हो पाया गौरतलब है कि संत भय्यू महाराज ने 50 वर्ष की उम्र में कनपटी पर खुद को गोली मारकर 12 जून 2018 को आत्महत्या कर ली थी।

उसके बाद उनके परिवार के सेवादारों में भय्यू महाराज की मौत के बाद महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी और उनकी बेटी कुहू को ट्रस्टी बनाने को लेकर आश्रम परिवार के अलग-अलग बातें उठने लगी थी विरोध और समर्थन के बीच डॉ. दिलीप भांडवलकर के स्थान पर भय्यू महाराज की पत्नी ,डॉ. आयुषी को ट्रस्टी बना दिया गया था, लेकिन पिछले साल अगस्त में हुई बैठक में कुहू के नाबालिग होने के चलते उनके ट्रस्टी बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था।

पिछले साल सितम्बर को कुहू बालिग हो गई थी और तत्कालीन सचिव तुषार पाटिल ने कुहू को ट्रस्टी बनने का प्रस्ताव भी किया था जो की अभी तक कुहू की तरफ से कोई सहमति नहीं मिली है ,हालांकि पुण्य स्मरण समारोह के मौके पर सभी ट्रस्टी एकत्रित होंगे और चर्चा कर निर्णय लेंगे।

भय्यू महाराज की पुण्यतिथि तिथि के अनुसार बुधवार को सूर्योदय आश्रम पर मनाई गई। इस मौके पर उनकी छोटी बेटी धारा को आश्रम लाया गया था। इसमें धारा का गादीपूजन किया गया और दिनभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। भक्तों ने गुरुमंत्र जाप और पुष्पांजलि के कार्यक्रम किया गया। अनुष्ठान के दौरान काफी लोगों की आंखे नम थी सबने अपने महराज की याद किया इस पुण्यतिथि के मौके पर काफी संख्या में स्थानीय भक्तों के साथ महाराष्ट्र से भी गुरु भक्त पहुंचे थे।

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