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शिक्षकों की कमी की वजह से, नहीं होगी सरकारी +2 स्कूलों में साइंस की पढ़ाई

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झारखंड के सभी सरकारी +2 स्कूल में साइंस की पढ़ाई नहीं होगी. अब आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के लिए अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई होगी. इस फैसले पर राज्य सरकार ने सहमति जताई है. छात्रों और शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर ऐसे स्कूल चिह्नित किए जा रहे हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी की वजह से ये इस्तिथि उत्पन हुई है.

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अलग-अलग प्लस टू स्कूलों में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स की पढ़ाई हो विभाग ऐसा विचार कर रहा . इन शिक्षकों का पद राज्यस्तरीय है, ऐसे में छात्रों के हिसाब से रेशनलाइजेशन करते हुए शिक्षकों का ट्रांसफर किया जाएगा.

सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि शिक्षकों की कमी पुरे देश के स्कूलों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. विभाग का कहना है की ऐसा होने से विषयवार शिक्षकों की कमी दूर की जा सकती है. हालाँकि कि इस बार इंटर का रिजल्ट आने के बाद प्लस टू स्कूलों में शिक्षकों की कमी की बात जोर-शोर से उठाई गयी थी.

बहुत से जिलों में साइंस शिक्षकों के नहीं होने की बात भी प्रमुखता से उठाई गई, उल्लेखनीय है कि पहले इंटर की पढ़ाई विभिन्न विश्वविद्यालय अंतर्गत उनके कॉलेजों में होती थी. करीब सात वर्ष पहले इंटर-डिग्री की पढ़ाई अलग-अलग होने के बाद राज्य सरकार ने कई हाईस्कूलों को प्लस टू स्कूलों में अपग्रेड कर वहां इंटर की पढ़ाई शुरू की. शुरुआत में हाईस्कूल के शिक्षक ही इंटर के बच्चों का भी क्लास लिया करते थे. बाद में प्लस टू स्कूल के लिए शिक्षकों को नियुक्त किया गया.

+2 स्कूलों में विभिन्न विषयों के 1663 शिक्षकों के पद खली हैं

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