Ultimate magazine theme for WordPress.
Medha Milk

स्वस्थ रहना है तो मत डालें ठंडा खाने-पीने की आदत

0
गर्मी के मौसम में हम घर में हों या बाहर, प्यास काफी लगती है और प्यास बुझती है पानी पीते रहने से, ले‍किन हम अक्सर पानी पीने के बाद यह शिकायत करते हैं कि ‘नॉर्मल पानी से प्यास नहीं बुझती, जरा ठंडा पानी पीना होगा।’ इसी बहाने के साथ हम गर्मियों में दबा कर ठंडा पानी पीते हैं. ठंडे पानी से मन और शरीर को मिलने वाली ठंडक हमें इस बात का अहसास ही नहीं होने देती कि यह हमारी सेहत के लिए कितना खतरनाक है. जी हां, ठंडा पानी आपकी सेहत पर ड़ालता है यानी कौन नकारात्मक
प्रभाव- 
भले ही आपके मन को ठंडा पानी पीकर सुकून मिलता हो, लेकिन ये आपके दिल के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होता। जी हां, ठंडा पानी दिल की गति को कम कर देता है। ठंडा पानी वेन्स तंत्रिका को प्रभावित करता है, जिससे दिल की गति कम हो जाती है।
आप ठंडा पानी पीते हैं और आपको पेट की समस्याएं रहती हैं, तो इसका कारण यह है कि आपको ठंडा पानी पीने की आदत पड़ चुकी है। ठंडा पानी पाचन-तंत्र  में बाधा डालता है। ठंडा पानी पीने से नसें सिकुड़ जाती हैं और पाचन तंत्र धीमी गति से काम करने लगता है। इसी वजह से पेट की दिक्कतें पैदा होती हैं। इसलिए अगर आपको भी पेट से जुड़ी दिक्कतें होती हैं, तो आज से ठंडा पानी पीने की आदत को कहें टाटा-बाय-बाय।
यह तो हम सभी जानते-मानते भी हैं कि ज्यादा ठंडा पानी पीने से गला ख़राब हो जाता है। अगर आप यह सोचते हैं कि यह सिर्फ बड़ों के बहाने हैं, तो आप गलत सोच रखते हैं। ठंडा पानी पीने से सांस लेने और छोड़ने के तंत्र में म्युकोसा नामक सुरक्षा पर्त संकुड़ जाती है, इसी से गला ख़राब हो सकता है।
ठंडा पानी पीने वाले कब्ज की शिकायत करते हैं। हम जानते हैं कि ज्यादा ठंड से तरल वस्तुएं जम जाती हैं, ठीक वैसे ही हमारे शरीर में अधिक ठंडा पानी चीजों को सख्त बनाता है। इससे कब्ज और बवासीर जैसी परेशानियां जन्म ले सकती हैं।
ठंडा पानी आपके खाने के पोषक तत्वों को खत्म कर देता है। अगर आप पोषक आहार के सेवन के बाद ठंडा पानी पीते हैं, तो समझ लें कि आपने कुछ भी पोषक आहार नहीं गटका। हमारे शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस है लेकिन जब हम कोई ठंडी वस्तु पीते-पीते हैं, तो उसे शरीर के तापमान के बराबर लाने में शरीर को ही अपनी ऊर्जा खर्चनी पड़ती है। अगर आप ठंडा पानी नहीं पीते, तो यही ऊर्जा भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में काम आती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.