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स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में, अब झारखण्ड बनेगा दिल्ली.

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आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना से प्रेरित अब झारखंड सरकार भी अर्बन स्लम (शहरी झुग्गियों) में मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करेगी. राज्य के अधिकारियों ने कहा कि वे क्लिनिक पर नि: शुल्क उपचार और डॉयग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करेंगे.

दिल्ली का मुहल्ला क्लिनिक पहल पीरागढ़ी में 2015 में जो दो कमरों के पोर्टकैबिन से शुरू हुआ था अब कई राज्यों में विस्तारित करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें तेलंगाना, कर्नाटक, झारखंड और जम्मू-कश्मीर मुख्या तौर से इस योजना को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं.

डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, झारखंड ने कहा की एक बार आदर्श आचार संहिता समाप्त हो जाए उसके के बाद इस परियोजना को लागू करने का काम शुरू किया जायेगा. हमने अपने शहर के अनुसार परियोजना को अनुकूलित किया है लेकिन, विचार दिल्ली से लिया गया है. हमारे क्लीनिक की विशेषताएं कमोबेश दिल्ली के क्लिनिक जैसी ही होंगी. ”

मोहल्ला क्लीनिक एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर हैं, जो ज़रूरी सेवाएं मुहैय्या करता हैं, जिनमें दवाएं, डॉयग्नोस्टिक और डॉक्टरी सलाह शामिल हैं. राजधानी दिल्ली में 189 ऐसे क्लीनिक हैं, जिसे AAP सरकार इस साल के आखिर तक 530 तक ले जाने की कोशिश में लगी है.

कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में कुछ क्लीनिकों का दौरा किया है और इस मॉडल को अपनाने पर चर्चा शुरू की है. वे इस तरह के क्लीनिक स्थापित करने के पीछे विचार को समझना चाहते थे. विदेश मंत्रियों ने पिछले कुछ महीनों में केंद्रों का दौरा किया है, यह बात  स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के officer on special duty (OSD) शालीन मित्रा ने समाचार संस्थान द इंडियन एक्सप्रेस से बात चित में बताया.

सभी मोहल्ला क्लिनिक में एक डॉक्टर होता है, एक तकनीशियन होता है जो मरीज़ों के आधार कार्ड की जानकारी अपलोड करता है और लैब असिस्टेंट होता है खून के सैंपल लेता और दवाओं के वितरण का काम करता है.

क्लिनिक सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक चलते हैं और डॉक्टरों को उनके द्वारा इलाज किए जाने वाले मरीज़ों की संख्या के आधार पर पेमेंट मिलता है – हर डॉक्टर को प्रति दिन में एक मरीज पर 30 रुपये मिलते हैं. इन क्लीनिकों पर रोजाना लगभग 100-200 मरीज आते हैं. अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक क्लिनिक को 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 10,000-15,000 की आबादी के ज़रूरतों का धयान रखना चाइये.

पिछले साल, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून ने राजधानी में मोहल्ला क्लीनिकों और पॉलीक्लिनिक्स की अपनी यात्रा में, शहर के गरीबों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले व्यवस्थित तरीके की प्रशंसा की थी. अपनी यात्रा के दौरान की-मून के साथ आने वाले नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रुन्डलैंड ने कहा कि वह “प्रभावशाली काम” देख रहे हैं।

कई ऑफिसर इन केंद्रों की स्थापना में आने वाली चुनौतियों को समझना चाहते थे. ज़मीन खोजने से लेकर, सिविक बॉडीज से परमिशन लेने और मेडिकल स्टाफ को काम पर रखने जैसे मुद्दों पर विस्तार से डिस्कशन हुआ, ”मित्रा ने कहा, जो परियोजना पर से काम कर रहे हैं।

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