Ultimate magazine theme for WordPress.

Jharkhand: सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पारित

0

झारखंड विधानसभा में आज ध्वनिमत से ‘झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण संशोधन अधिनियम, 2019’ को मंजूरी दे दी गयी, जिसमें केन्द्र सरकार की नीति के अनुरूप सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े नागरिकों को झारखंड सरकार की सेवाओं में दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है.

मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया बहिष्कार

राज्य विधानसभा में शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदन के बहिष्कार के बाद भी इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया.

कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया.

कांग्रेस का कहना था कि राज्य में कुल तीन प्रतिशत सामान्य वर्ग के लोग हैं अतः उनके लिए दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था जायज़ नहीं है.

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोहरदगा से विधायक सुखदेव भगत ने सदन में संशोधन पेश करते हुए कहा कि राज्य में पहले पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाये जाने की व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि राज्य में उनकी संख्या 53 प्रतिशत है.

उन्होंने दावा किया कि राज्य में सामान्य वर्ग के सिर्फ तीन प्रतिशत लोग हैं अतः उन्हें आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण देना अनुचित है.

इसके साथ ही झारखंड सरकार ने राज्य के पहले संस्कृत विश्वविद्यालय ‘बाबा वैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय’ की स्थापना करने का निर्णय लिया है और इस उद्देश्य से गुरुवार को राज्य विधानसभा में विधेयक भी पारित हुआ.

‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019’ पारित

झारखंड विधानसभा में राज्य सरकार ने मुख्य विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा के बहिष्कार के बीच ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2019’ पारित कराया जिसके तहत इस प्रथम संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की व्यवस्था की गयी.

उच्च शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने विधेयक पेश करते हुए सदन में कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य के सभी प्रमुख ग्यारह संस्कृत शास्त्री एवं उपशास्त्री महाविद्यालयों की संबद्धता का संकट समाप्त हो जायेगा क्योंकि अब तक हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे यह संस्कृत महाविद्यालय अब नये संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे.

उन्होंने बताया कि नये विश्वविद्यालय पर राज्य में संस्कृत और भारतीय पारंपरिक शास्त्रों की शिक्षा का पूरा दारोमदार होगा.

मंत्री नीरा यादव ने बताया कि प्रारंभ में संस्कृत विश्वविद्यालय में वेद-वेदान्त, ज्योतिष, साहित्य, व्याकरण समेत सात स्नातकोत्तर विभागों की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

यह पूछे जाने पर कि नया विश्वविद्यालय कब तक पूर्ण रूप से काम करने लगेगा, मंत्री ने कहा कि सरकार आगामी चुनावों से पूर्व ही इसे चालू कर देना चाहती है और इसके लिए देवघर में भूमि भी चिह्नित कर ली गयी है.

देश और दुनिया की ताज़ा खबरें पढ़िए www.publicview.in पर, साथ ही साथ आप Facebook, Twitter, Instagram और Whats App के माध्यम से भी हम से जुड़ सकते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.