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झारखंड की 12 साल की बिटिया का बलात्कारी कातिल कहां है ?

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झारखण्ड की राजधानी रांची से करीब 6 घंटे और 50 मिनट लगते हैं गुमला जाने में. शहीद अलबर्ट एक्का जारी थाना क्षेत्र के जारी गांव में 15 जून को अंजलि (बदला हुआ नाम) के पड़ोस में एक शादी थी. 12 साल की अंजलि सुबह से ही अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी, उछल-कूद कर रही थी, हस रही थी मुस्कुरा रही थी.रात 12 बजे खाना खा कर वो बारात देखने चली गयी.

बारात देखने के बाद वो अपने एक दोस्त के साथ बगल के सोनू किसान के घर के बाहर आंगन में सोने सो गयी.  बलात्कारी उसी आंगन से अंजलि को उठा कर ले गए. इसके बाद 12 साल कि अंजलि के साथ बलात्कार किया गया और उसके बाद गला दबा कर उसकी हत्या कर दी गयी.

अंजलि अपने छोटे दादा के घर में रहती थी, उसका सारा देख भल भी उसी घर में होता था. अंजलि अपने दादा-दादी को ही माँ-पापा बुलाया करती थी, क्यूंकि अंजलि के सर से तब ही पिता का हाथ और माँ का आंचल उठ गया था जब वो 5 साल की थी.

शादी का माहौल था सभी उसी रौनक में गुम थे. किसी का भी ध्यान अंजलि तरफ नहीं गया. इस घटना का पता तब चला जब शादी के अगले दिन यानि 16 जून के दोपहर तक अंजलि न तो घर आयी न ही किसी को नज़र आयी.

शाम के 5:30 बज रहे थे, गर्मियों के मौसम में आम तौर पर इसी वक़्त पर लोग बाहर निकलते हैं ,घूमते फिरते कुछ लड़किया जब झाड़ियों के पास पहुंची तो देखा कि वहां झाड़ियों के बीच एक लाश फेंकी हुई है. और वो लाश थी मासूम अंजलि की, जो एक रात पहले अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी, मुस्कुरा रही थी.

लड़की ने इस बात की जानकारी अपने दादा को दी.इसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गयी.गांव के लोगों ने इसकी जानकारी पंचायत के मुखिया दिलीप बड़ाइक को दी. पंचायत के मुखिया थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को घटना की सुचना दी.

अंजलि के लाश को अगले दिन पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेजा गया.रात भर लाश गांव में ही रहा क्यूंकि लाश को भेजने के लिए गाड़ी का इंतजाम नहीं हो पाया था.

अंजलि जारी गांव के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 6ठी क्लास में पढ़ती थी. जिस उम्र में हम स्कूल के किताबों में छपी कहानियों के साथ बने कार्टून देख कर जगमगा उठते थे. उस उम्र में जारी की बेटी अंजलि अपने दादा-दादी की दुलारी बलात्कार का दर्द और ज़िल्लत झेलने के बाद दुनिया को अलविदा कह गयी.

सबसे दुर्भाग्य की बात यह है कि, अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि, इस घटिया हरकत के पीछे कौन है, हालाँकि पुलिस मामले कि जांच कर रही है.

चलिए अब नज़र डालते हैं झारखंड में बलात्कार से जुड़े मामले के आकड़ों पर.

झारखंड में दर्ज बलात्कार के मामलों की संख्या

  • 2014 – 1,122
  • 2015 – 1,198
  • 2016 – 1,146
  • 2017 – 1,335

2014 में प्रति माह औसत मामले 93.50 थे जो 2017 में बढ़कर 113.08 प्रति माह हो गए.

क्यों झारखंड में महिलाओं से जुड़े मामले में आये दिन बढ़ोतरी हो रही है ?

तो बताइये मुख्यमंत्री जी, यही हाल रहा तो कैसे बचेगी बिटिया और कैसे पढ़ेगी बिटिया ?

आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा…

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