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जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में बस पलटने से 25 लोगों की मौत, 13 घायल

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जम्मू-कश्मीर से 230 किलोमीटर दूर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार सुबह एक ओवरलोड मिनी बस के पलट जाने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए.

किश्तवाड़ के जिला मुख्यालय में पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, बचाव दल को हादसे की जगह पर भेज दिया गया है.

बस में लगभग 45 लोग यात्रा कर रहे थे, जो केशवन से किश्तवाड़ की ओर जा रही थी, जब वह सड़क से उतर गई और घाटी में जा गिरी.

दुर्घटना पहाड़ी जिले के केशवन इलाके में सुबह करीब 7.50 बजे हुई.

”एक स्थानीय ने कहा, “25 लोगों की मौत की आशंका है, जबकि कई लोग घायल हो गए, जिनमें से पांच गंभीर रूप से घायल थे, जब सोमवार को किश्तवाड़ जिले के केशवन इलाके में एक मिनी बस पंजीकरण संख्या JK 17/6787 दुर्घटनाग्रस्त हो गयी.

घायलों को स्थानीय अस्पताल किश्तवाड़ में स्थानांतरित कर दिया गया है.

ऐसा नहीं है कि ये एकलौती घटना है, 27 जून को, पुंछ के 11 छात्रों की मुगल रोड पर एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जब एक ओवरस्पीड टेंपो सड़क से बेकाबू हो कर घाटी में गिर गया. मरने वाले 11 लोगों में नौ लड़कियां थीं.

वहीं दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिनमें से भारत में सड़क दुर्घटना में होने वाली हर 9 मौतों में 1 के साथ शीर्ष स्थान पर है.

उदाहरण के लिए, अफ्रीका में उच्चतम दर 26.6 प्रति 1,00,000 व्यक्तियों के साथ दर्ज की गई जबकि सबसे कम यूरोप में 9.3 प्रति 1,00,000 व्यक्तियों पर थी. वहीँ भारत में, 2016 में सड़क दुर्घटनाओं को भारतीय सरकार द्वारा 1,50,785 बताया गया था. लेकिन WHO द्वारा प्रस्तुत नवीनतम रिपोर्ट, 2,99,091 पर मृत्यु की संख्या का अनुमान लगाया गया है, जो सरकार के दावे से लगभग दोगुना है. अगर WHO की रिपोर्ट सही है, तो सड़क दुर्घटनाओं में प्रति दिन 821 मौतें होती हैं, भारत में सड़क दुर्घटना के कारण हर घंटे 34 मौतें होती हैं.

वहीं अगर हम पूरे देश की बात करें तो भारत में हर दिन 1214 सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं. भारत में सर्वाधिक सड़क दुर्घटना में दिल्ली, चेन्नई, जयपुर, बेंगलुरु, मुंबई, कानपुर,लखनऊ, आगरा, हैदराबाद, पुणे शहरों में होती हैं.

इन हादसों का जिम्मेदार कौन हैं ?

सड़क पर ज्यादातर हादसे 2 बजे के बाद ही देखने को मिले हैं. इन हादसों के पीछे अगर ड्राइवर जिम्मेदार हैं तो सरकार इनके खिलाफ धारा IPC 337,279 338, 304A के तहत कार्यवाही क्यों नहीं करती हैं.

हमारी कोशिश है कि राज्य और केंद्र सरकार सड़क हादसे को लेकर विचार करे और कोई ऐसा कदम उठाये जिससे हम सड़क हादसे पर लगाम लगा सकें.

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