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5 साल पहले, अलीगढ़ के एक आरोपी पर अपने ही बेटी के बलात्कार का मामला दर्ज

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अलीगढ़ में दो साल की बच्ची की हत्या के आरोपियों में से एक को अपनी ही सात साल की बेटी के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, और वो जमानत पर बाहर था, पुलिस ने यह बात एक समाचार संसथान को बताया है.

यूपी के अलीगढ़ की रहने वाली ढाई साल की मासूम ट्विंकल को सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि आरोपियो की पैसों को लेकर उसके पिता से कहासुनी हो गई थी. अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र की रहने वाली ट्विंकल 30 मई से लापता थी. उसके माता-पिता ने टप्पल थाने में उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट लिखवाई थी लेकिन किसी को नहीं पता था कि उसी दिन कुछ दरिंदों ने बच्ची को मार दिया.

पुलिस के अनुसार, आरोपी (नाबालिग पीड़िता की पहचान को बचाने के लिए) पर कुल चार मामले लंबित थे – आरोपी पर विभिन्न IPC की धाराओं के तहत 376 (बलात्कार), 354 (मारपीट के इरादे से हमला करना) और 363 (अपहरण) केस दर्ज हैं. आरोपी पर 2014 में अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार करने का आरोप एक रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर था. SHO ने बतया कि कुछ ही महीने बाद उसे जमानत दे दी गई.

इस मामले में लड़की की मां ने बताया कि “पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की”. “ वह लगभग 8.30 बजे बाहर खेल रही थी. वह बहुत चंचल थी. आरोपियों ने उसे हमारे घर के बाहर से उठाया. हमने उतना ध्यान नहीं दिया क्योंकि वह आमतौर पर पड़ोस में खेला करती थी. जब वह वापस नहीं लौटी, तो हम घबरा गए और उसे खोजना शुरू किया. पुलिस ने उस तरह से काम नहीं किया जैसा कि उन्हें पहले दिन से करना चाहिए था.

रविवार की सुबह, एक साफ़ सैफई करने वाली ने जाहिद के घर के बाहर कचरे के ढेर में लड़की के शरीर को देखा, उसने बताया की लास को कुत्तों ने घेरा हुआ था. बच्ची का शव एक चुन्नी में लिपटा हुआ था.

30 मई को बच्ची लापता हुई थी. दो जून सुबह सात बजे साफ़ सफाई करने वाली महिला लोगों के घरों से कूड़ा उठाकर सिर पर लादकर निकल ही रही थीं कि उन्हें लगा कि तीन कुत्ते सड़क के पास कूड़े के ढेर में एक बच्चे के शरीर को खींच कर ले जा रहे हैं.

ये कूड़े का का बड़ा ढेर पायल के घर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है.

उसने कहा कि “मैं ज़ोर से चिल्लाई कि ये किसी बच्चे का शरीर है और मिनटों में पूरा गांव वहां इकट्ठा हो गया.”

जिस किसी ने भी नन्ही बच्ची को इस हाल में देखा, वो रो पड़ा.

बच्ची की एक आंटी ने बताया, “उसके शव की दुर्दशा हो गयी थी और उस पर एसिड डाला गया था. मैं तो उसकी ओर देख भी नहीं पा रही थी.”

शुक्रवार को, लॉ एंड ऑर्डर के अतिरिक्त महानिदेशक, आनंद कुमार ने कहा: “पूरा समाज अपराध से दुखी हो गया है। एसपी ग्रामीण की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। विशेषज्ञों की एक टीम, सर्कल अधिकारी और फोरेंसिक टीम के सदस्य इसका हिस्सा हैं. हम मामले को त्वरित न्याय के लिए एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करेंगे.

जांच में कथित चूक के लिए स्टेशन हाउस अधिकारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और एक जांच की जा रही है.

जबकि परिवार ने आरोप लगाया है कि लड़की के साथ बलात्कार भी किया गया था, पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुस्टि नहीं की है. हालांकि, एक और परीक्षण किया जा रहा है. “शरीर 72 घंटे से अधिक पुराना था और मृत्यु का कारण सदमे और रक्तस्राव बताया गया है. वैजिनल सैंपल फोरेंसिक लैब में भेजा गया है और पुष्टिकरण परीक्षण किए जा रहे हैं, आनंद कुमार ने कहा.

अलीगढ़ के SP (ग्रामीण) मणि लाल पाटीदार, जो एसआईटी की निगरानी कर रहे हैं, ने कहा कि बलात्कार अब तक स्थापित नहीं हुआ है।

अलीगढ़ पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया जा सकता है और पुलिस शव परीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर बच्चों के यौन अपराधों से रोकथाम (POCSO) अधिनियम के तहत आरोपों को जोड़ने पर भी विचार करेगी. “अन्य विवरणों की भी जांच की जा रही है. परिवार के अनुसार, कुछ अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं और हम इसकी जांच कर रहे हैं, ”कुमार ने कहा.

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