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पिछले 6 महीने में जम्मू कश्मीर में मारे गए 82 % स्थानीय आतंकवादी

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जम्मू-कश्मीर में पिछले 6 महीने में सुरक्षा बलों द्वारा 121 आतंकवादी मारे गए जिनमें से केवल 21 आतंकवादी पाकिस्तान से थे. जिसका मतलब है कि राज्य में 82% स्थानीय उग्रवादियों को मारा गया है.

जिनमें से अधिकतर मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर में हुई हैं, जिसमें 36 उग्रवादी पुलवामा में मारे गए, 34 शोपियां में और 16 अनंतनाग जिलों में मारे गए.

2019 की शुरुआत से जून तक जम्मू कश्मीर में उग्रवादी द्वारा शुरू की गई 100 घटनाओं में पुलवामा, शोपियां, अनंतनाग और श्रीनगर के जिले शामिल है. इन घटनाओं में अधिकांश आतंकवादी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की है, लेकिन इसमें ग्रेनेड हमले, पेट्रोल बम फेंकना, हथियार छीनना और अपहरण भी शामिल हैं.

इस बीच, 2019 के पहले छह महीनों में 228 रिकॉर्ड पत्थरबाज़ी, नागरिक विरोध प्रदर्शनों की 346 घटनाएं दर्ज की गई हैं.

यह मई महीने में आंदोलनकारियों द्वारा पथराव की 101 घटनाओं और नागरिक विरोध प्रदर्शनों की 114 घटनाओं के साथ अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई थी.

इसी अवधि के दौरान, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 71 लोगों को खो दिया और 115 घायल हुए हैं. 14 फरवरी को पुलवामा में CRPF हमले में सबसे ज्यादा मौतें हुई, जिसमें 40 कर्मियों की जान चली गई थी.

पिछले 6 महीनें में सेना ने 15 सैनिकों और CRPF के 48 कर्मियों को खो दिया है, जबकि जम्मू और कश्मीर पुलिस ने 8 पुलिसकर्मियों को खो दिया है.

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