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BJP संशोधन के माध्यम से RTI कानून को खत्म करना चाहती है : सोनिया गांधी

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DELHI: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 में संशोधन करने के इच्छुक विधेयक पर केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि, सरकार RTI कानून को उपद्रव के रूप में देखती है और मुख्य सूचना आयोग की स्वतंत्रता को नष्ट करना चाहती है.

सोनिया गांधी का बयान

“यह अत्यंत चिंता का विषय है कि केंद्र सरकार ऐतिहासिक RTI अधिनियम, 2005 को पूरी तरह से कमजोर करने पर तुली हुई है, जिसे व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया था और संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था.”

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

यूपीए अध्यक्ष ने कहा: “यह स्पष्ट है कि वर्तमान केंद्र सरकार RTI अधिनियम को एक उपद्रव के रूप में देखती है और केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) की स्थिति और स्वतंत्रता को नष्ट करना चाहती है.

उन्होंने कहा कि सरकार इसके जरिए RTI के पूरे तंत्र को कार्यपालिका की कठपुतली बनाना चाह रही है.

RTI (संशोधन) विधेयक, 2019 राज्यों और केंद्र में पारदर्शिता कानून और बाद में सूचना आयुक्तों (आईसीएस) के वेतन और कार्यकाल संरचनाओं में बदलाव करना चाहता है. अब इसे राज्यसभा से मंजूरी की आवश्यकता है.

सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अपने विधायी बहुमत का उपयोग कर सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया में यह देश के प्रत्येक नागरिक को कमज़ोर कर देगा.

क्या है ये RTI ?

मुख्य रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ 2005 में एक अधिनियम लागू किया गया, जिसे सुचना का अधिकार यानी RTI कहा गया.

इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है. बस शर्त यह है की RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए. यानि हम किसी सरकारी विभाग से उसके विचार नही पूछ सकते.

बल्कि आप के ईलाके में विकास के कामो के लिए कितने पैसे खर्च हुए है और कहां खर्च हुए है, पूछ सकते हैं.

RTI अधिनियम में संसोधन करने से क्या होगा ?

RTI संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास हो जाता है तो केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी), सूचना आयुक्तों और राज्य के मुख्य सूचना आयुक्तों के वेतन और कार्यकाल में बदलाव करने की अनुमति केंद्र को मिल जाएगी. फिलहाल RTI कानून के मुताबिक एक सूचना आयुक्त का कार्यकाल पांच साल या 65 साल की उम्र, जो भी पहले पूरा हो, का होता है.

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