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विधायक विरंची नारायण की शर्त: ऐसा हुआ तो छोड़ देंगे राजनीति वरना 2 करोड़ की मानहानि

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झारखंड के बोकारो जिले के विधायक विरंची नारायण ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है. उन्होंने BSL के किसी अधिकारी के साथ कोई मारपीट नहीं की है. अगर मुझ पर लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो में राजनीति से सन्यास ले लूंगा.

विधायक विरंची ने कहा कि बोकारो स्टील ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सिंह और नगर सेवा के प्रबंधक ने एक विधायक की छवि को खराब करने का काम किया है. इसके बदले में अध्यक्ष एके सिंह और नगर सेवा के प्रबंधक उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.

वरना विधायक विरंची अपने ऊपर लगाए गए आरोप के खिलाफ दो करोड़ रुपए की मानहानि का केस दर्ज करेंगे.

विधायक विरंची ने बताया कि नगर सेवा के अधिकारियों ने BSL के साथ मिलकर सरकारी काम को रोकने की कोशिश की. जबकि उनके पास काम रुकवाने का स्टे ऑर्डर भी नहीं था.

BSL के लोगों ने छठ घाट के निर्माण के लिए काम कर रहे मजदूरों के साथ मारपीट करना शुरू किया जिसकी खबर उन्हें मिली तो उन्हाेंने वहां पहुंचकर बीच- बचाव कर मामले को शांत करवाया था. न कि किसी अधिकारी के साथ मारपीट की.

दरअसल, विधायक विरंची पर BSL के GM अजीत कुमार को पीटने का आरोप लगाया गया है. जिस पर विधायक विरंची ने कहा है कि अजीत कुमार की जांच होनी चाहिए जो कि सबसे बेस्ट डॉक्टर करें ताकि पता चल सकें कि अजीत कुमार के शरीर के किस हिस्से में चोट लगी है, जिसके लिए उन्हें ICU में भर्ती होना पड़ा.

अगर मुझपर लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा और अगर आरोप साबित नहीं हुए तो मैं 2 करोड़ रुपये के मानहानि का केस करूंगा.

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