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Medha Milk

झारखंड में रियायती दर पर अनाज न मिलने पर, टोल फ्री नंबर पर कर सकते हैं शिकायत

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देश के अलग अलग राज्यों में सरकार द्वारा रियायती दर पर अनाज दिया जाता है. अगर बात करें झारखंड की तो झारखंड में 57 लाख परिवारों को रियायती दर पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज दिया जाता है.

अगर किसी भी लाभुक को अनाज या अन्य खाद्य पदार्थ जैसे- नमक, चीनी, चावल या फिर केरोसिन नहीं मिले तो लाभुक व्यक्ति टोल फ्री नंबर (1800-212-5512) पर या हैडलाइन नंबर (0651-712-2723) पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.

शिकायत दर्ज कराने के बाद दुकानदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. रियायती दर पर मिलने वाला अनाज इन परिवारों को दो केटेगरी में दिया जाता है. एक है अंत्योदय कार्डधारी यानि पीला कार्ड और दूसरा प्राथमिकता सूची वाला कार्ड यानि गुलाबी कार्ड के तहत अनाज व अन्य सामग्री दी जाती हैं.

पीले कार्ड से मिलने वाला सामान

पीले कार्ड के जरिए, 35 किलो चावल या फिर चावल और गेहूं दोनों को मिला कर एक रुपए प्रति किलो की दर से दिया जाता है . इसके अलावा एक राशन कार्ड पर एक किलो चीनी और एक किलो नमक एक रुपए प्रति किलो दर से आवंटित किया जाता है.

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में केरोसिन 2.5 लीटर और शहरी क्षेत्र में 2 लीटर दिया जाता है.

गुलाबी कार्ड से मिलने वाला सामान

गुलाबी कार्ड के जरिए प्रति एक सदस्य को 5 किलो चावल या फिर चावल और गेहूं दोनों मिला कर एक रुपए प्रति किलो की दर से दिया जाता है. इसके अलावा एक कार्ड पर एक रुपए की दर से एक किलो नमक दिया जाता है.

हालांकि, केरोसिन दोनों ही क्षेत्र ग्रामीण व शहर में पीले कार्ड की भांति 2.5 लीटर और 2 लीटर दिया जाता है.

लाभुकों को दुकानदार इ-पॉश मशीन के जरिए सामान देता है तो इसलिए लाभुकों को सामान लेने के बाद दुकानदार से सामान की रसीद जरूर लेनी चाहिए.

इस प्रकार दुकानदार लाभुकों को सामान देता है

दुकानदार लाभुक की उंगलियां मशीन पर लगवाता है उसके बाद जब निशान मैच हो जाते हैं तो लाभुक व्यक्ति के मोबाइल पर एक OTP आता है. इसके बाद दुकानदार संबंधित लाभुक को सामान दे देता है.

खाद्य विभाग का आदेश है कि नेटवर्क नहीं रहने पर भी दुकानदार को कार्डधारियों को राशन देना है.

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