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कृषि ऋण लेने वाले झारखंड के किसानों को राहत देने की तैयारी में सरकार

Government is preparing to give relief to the farmers of Jharkhand who take agricultural loans

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रांची।राज्य के कृषि मंत्री बादल ने कहा है कि राज्य के कृषकों को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार ऐसे किसानों को सूचीबद्ध कर रही है, जिन्होंने विभिन्न बैंकों से ऋण लिया है और वह चुकाने में असफल रहे हैं। ऐसे किसानों की ऋण माफी की दिशा में काम किया जा रहा है। वह आज नेपाल हाउस में विकास आयुक्त सहित कई विभागीय पदाधिकारियों के साथ किसान ऋण योजना को लेकर राज्यस्तरीय कमिटी की बैठक कर रहे थे।
बादल ने बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में कार्यरत सभी बैंकों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया जाए कि बैंक किसानों के बकाया ऋण को माफ करने की दिशा में कितना और कैसे सहयोग दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बैंक में जिन किसानों के लोन के खाते एनपीए हो गए हैं, उन खातों को भी समाहित करते हुए वन टाईम सेटलमेंट की योजना पर काम किया जाए, ताकि किसानों को फौरी तौर पर राहत दी जा सके। बैठक में कृषि ऋण माफी के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गयी, जिसमें राज्यस्तरीय कमेटी के गठन के सहित एसएलबीसी की भूमिका भी सुनिश्चित करने की बात हुई। विदित हो कि सरकार ने ऋण माफी योजना के तहत 2000 करोड़ रुपये बजट में उपबंधित कर रखा है।

ऋण माफी पर 20 अक्टूबर को कृषि मंत्री की बैठक

ऋण माफी योजना को लेकर आगामी 20 अक्टूबर को कृषि मंत्री की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की बैठक होगी, उसके बाद सभी बैंकों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसका क्रियान्वयन सरकार के विभिन्न विभागों और कतिपय एजेंसियों के समन्वय के माध्यम से होगा। उसमें कृषि, आइटी विभाग, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी शामिल होगी। क्रियान्वयन का मुख्य जिम्मा डायरेक्टोरेट ऑफ एग्रीकल्चर के पास होगा। वहीं बैंकर्स की नोडल एजेंसी एसएलबीसी होगी।
बैठक में मुख्य रूप से विकास आयुक्त  केके खंडेलवाल, सचिव भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग  केके सोन, कृषि सचिव  अबू बकर सिद्दिकी सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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