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यहां आज भी मिलता हैं 50 पैसे में भरपेट खाना और 10 पैसे में चाय, जानिए कहां ?

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भारत में हज़ारों लोग रोज काम पर जाते हैं, कोई काम के लिए दफ्तर जाता है तो कोई फैक्ट्री या प्लांट. कुछ लोग घर से अपना टिफ़िन ले कर आते हैं तो कुछ बाहर से या फिर फैक्ट्री के कैंटीन में खाना खाते है. जो लोग बाहर खाते है उनकी जेब पर इसका असर भी पड़ता है क्यूंकि किसी भी मामूली सी कैंटीन में भी आप जाते हैं तो आपको कम से काम 50 रुपए तो खर्च करने ही पड़ते हैं.

लेकिन अगर मैं कहूं की झारखंड की राजधानी रांची में एक ऐसी जगह है जहां काम करने वालों को मात्र 50 पैसे में खाना दिया जाता है. जी हां, मैंने 50 पैसा ही लिखा यह कोई टाइपिंग एरर नहीं है.

रांची के HEC (heavy engineering corporation) के कैंटीन की मेज पर जो खाना परोसा जाता है उसके लिए काम करने वालों को 50 पैसे में दाल-चावल, सब्जी, अचार से भरी थाली परोसी जाती है. यहां आठ आना यानि 50 पैसा में ही नाश्ता भी मिलता है, और 10 पैसे में ही यहां आप गरमा गरम चाय की चुस्की ले सकते हैं. आलूचाप, समोसा और नमकीन जैसे स्नैक्स के लिए भी केवल 10 पैसे ही आपको खर्च करने पड़ते हैं.

HEC के कैंटीन में यहां लबभग 700 कर्मचारी हर दिन खाना खाते हैं.
कैंटीन की शुरुआत 1963 में हुई थी, उस वक़्त यहां 40 पैसे में भात-दाल, सब्जी, अचार का एक प्लेट मिला करता था. 1963 से लेकर 2019 के बिच इस कैंटीन में पैसा बढ़ाया गया और वो साल था 2015, 52 साल के बाद भी इस कैंटीन खाने बस 10 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी.

तो इन सब के बाद आपके जेहन में एक सवाल उठ रहा होगा, कि जब आज के समय में 50 पैसे का चलन ही ख़त्म हो गया है तो कंपनी के कर्मचारी पैसा कैसे चूकाते हैं? कैंटीन में भोजन का आनंद उठाने के लिए एक दिन पहले ही कूपन कटाना पड़ता है. 50 पैसे और 10 पैसे के सिक्कों का प्रचलन खत्म हो गया है, इस इस वजह से कर्मचारी एक बार में ही 10-15 दिनों का कूपन कटा लेते हैं. बिना कूपन के भोजन नहीं दिया जाता.

कर्मचारियों की इस किफायती व्यवस्था को बनाए रखने के लिए HEC प्रबंधन, हर महीने करीब सात लाख रुपए कैंटीन पर खर्च करता हैं.

वहीँ हम इसकी तुलना करें झारखंड सरकार द्वारा चलायी जाने वाली मुख्यमंत्री दाल भात योजना की तो इसके तहत पांच रुपए में दाल-भात और सब्जी खिलाई जाती है. इसका संचालन महिला स्वंयसेवी संस्था करती है. इस हिसाब से HEC के कर्मचारी मुख्यमंत्री भात दाल योजना से भी सस्ते भोजन का आनंद उठा रहे हैं.

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