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झारखंड में फिर भीड़ ने दो युवक को चोरी के आरोप में पीटा, जानकारी के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस टीम

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अपने खनिज संसाधनों के लिए प्रसिद्ध झारखंड अब मॉब लिंचिंग के लिए भी फेमस होता जा रहा है. सरायकेला में भीड़ द्वारा तबरेज़ की हत्या का गुस्सा अभी लोगों के दिमाग से उतरा नहीं था कि झारखंड के गोड्डा से एक और भीड़ द्वारा दो युवकों को पीटने की खबर आयी है.

गोड्डा जिले के अलग-अलग प्रखंडों में दो युवकों को उग्र भीड़ ने निशाना बनाया. एक पुलिस कस्टडी में है, तो दूसरा अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है.

एक तरफ गुरुवार की रात कन्हवारा गांव में चांद अंसारी को चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने जम कर पीटा. वहीं दूसरे तरफ महगामा के बसुआ चौक पर शुक्रवार को भीड़ ने चोरी के आरोपी युवक राज यादव को इस कदर पीटा कि वो अधमरा हो गया. पुलिस के मुताबिक राज यादव विक्षिप्त है, खाना का बर्तन लेकर भाग रहा था, तो कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी.

पंचरुखी गांव का रहने वाला है चाँद अंसारी. बताया गया कि गुरुवार की रात करीब 1 बजे चांद अंसारी गांव के मनोज साह की बाइक चोरी कर रहा था. आवाज सुन घर कर लोग उठ गये और हल्ला करने लगे. हल्ला सुन कर भीड़ जमा हो गयी. और ग्रामीणों ने चांद अंसारी को जम कर पीटा जिसकी वजह से वह घायल हो गया.

मनोज साह ने बताया कि चोरी करने के लिए तीन युवक आये थे लेकिन मौका देखते ही दो भाग गए और एक पकड़ा गया. घटना गुरुवार रात करीब एक बजे की है. कुछ लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. लेकिन पुलिस मौके पर नहीं आयी. इस दरम्यान ग्रामीण चांद अंसारी को पीटते रहे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को सूचना दी. तब जाकर पुलिस शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे पहुंची. मुफस्सिल थाना से कन्हवारा गांव की दूरी मात्र तीन से चार किमी है.

हालांकि जब Public view ने मुफस्सिल थाना के सब इंस्पेक्टर उमेश तिवारी से बात की और पूछा कि घटना कि जानकारी कब मिली तो पहले उन्होंने कहा कि एक या 1:30 बजे के आस-पास और जब उनसे पूछा गया कि आपलोग गांव कब पहुंचे तो बताया कि 4 बजे. उसके बाद जब हमने पूछा कि, आपलोगों को इतनी देर क्यों हुई वहां पहुंचने में तो बताया गया कि, हम दूसरे एरिया में थे इस वजह से देर हो गयी.

जब हमने पूछा कि यदि आपलोग किसी और एरिया में थे तो क्या थाना में कोई और अधिकारी नहीं थे जो वहां जा सके. तो जवाब मिला कि कभी कभी गाड़ी की दिक्कत हो जाती है. फिर हमने पूछा कि क्या एक ही गाड़ी मिली है आपलोगों को तो जवाब मिला नहीं, कभी कधार गाड़ी ख़राब हो जाती है दिन भर चलने के वजह से. जवाब सुन कर आपको भी बातें समझ में आ ही रही होंगी.

SI उमेश तिवारी ने बताया कि, चांद अंसारी को वहां से थाना लाया गया फिर उसके बाद गोड्डा सदर अस्पताल में उसे स्वास्थ्य जांच के लिए ले जाया गया.

हमारा सवाल यह है कि, हालिया घटना को देखते हुए क्या पुलिस को पहले चांद अंसारी को अस्पताल नहीं ले जाना चाइये था ? पुलिस अधिकारी ने बताया कि हलकी चोटें आयी हैं. लेकिन आश्चर्य की बात है कि करीब 3 घंटे तक किसी को पीटने पर भी हलकी-फुलकी चोटें ही आयी.

चलिए अब दूसरी तरफ मामला बसुआ चौक का है, महगामा में शुक्रवार को चोर कह कर एक विक्षिप्त युवक को बेरहमी से पीटा गया. युवक जान बचाने की गुहार लगता रहा गिड़गिड़ाता रहा लेकिन किसी ने उसे बचने की ज़हमत नहीं उठायी .

बताया गया कि दिन के करीब 12 बजे कुछ लोग चोर कह कर राज को घंटों पीटते रहे. पिटाई से युवक बेहोश हो गया, तो लोगों ने 108 पर फोन किया और एंबुलेंस बुला कर उसे इलाज के लिए महगामा रेफरल अस्पताल भेज दिया. अस्पताल लाने के बाद भी राज करीब सात घंटे तक बेहोश रहा. होश में आने के बाद राज ने अपना नाम और पता मोजाहिदपुर, भागलपुर बताया.

इस मामले में भी पुलिस ने लापरवाही दिखाई प्रत्यक्षदर्शियों की भी मानें तो पुलिस को मामले की सूचना दी गयी थी, लेकिन आधा किलोमीटर की दूरी तय कर घटनास्थल पर पहुंचना पुलिस मुनासिब नहीं समझी. जानकारी मिली कि अस्पताल में 6 घंटे बाद तक पुलिस युवक को देखने नहीं आयी.

वहीँ पुलिस देर शाम नींद से जागी और गोड्डा के SP शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने महगामा की घटना पर कहा कि युवक विक्षिप्त है और खाना मांगने गया था. खाना नहीं मिलने पर बर्तन लेकर भाग रहा था तो घरवालों ने पकड़ कर उसे पीटा.

Public View का सवाल

  • इतने सारे वारदातों के बाद भी क्यों पुलिस इतनी बेपरवाह है ?

  • क्यों अब तक झारखंड की रघुवर सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकाम है ?

  • क्यों नहीं मॉब लिंचिंग से जुडी कड़े कानून लाने पर विचार कर रही है सरकार ?

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