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1500 करोड़ Bike Bot घोटाले मामले में जांच बढ़ा, ईडी और इनकम टैक्स का शिकंजा.

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बाइक बोट की ठगी करने वाले गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के मालिक संजय भाटी पर कार्यवाही जारी है. पुलिस पूछताछ कर संजय भाटी से मामले की जड़ तक जाने की कोशिश कर रही है.

दरअसल, संजय भाटी पर हजारों लोगों के 1500 करोड़ रूपए ठगे जाने का इल्जाम है. संजय भाटी और उनकी टीम ने बाइक बोट के नाम पर लोगों से पैसे ठगे. यह ओला और उबर जैसी बाइक टैक्सी सर्विस थी.

कंपनी प्लान बताकर लोगों को फंसाया

संजय भाटी और उनके साथियों ने कंपनी प्लान बताकर लोगों को फंसाया और उन्हें ठगना शुरू किया. जिसके बाद जब निवेशकों को अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तब निवेशकों ने गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा के दादरी थाने में FIR दर्ज कराई.

बाइक बोट घोटाले में कई लोग शामिल

सुत्रों के मुताबिक संजय भाटी के साथ साथ बाइक बोट घोटाले में विजेंदर सिंह (News World India Director), मनोज त्यागी (News World India Director) और TV 24 के मालिक B.N. तिवारी का नाम शामिल है.

हालांकि TV 24 के मालिक B.N. तिवारी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन बाकि सभी मीडिया की आढ़ लेकर कार्रवाई से बच रहे है.

विजेंद्र सिंह पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं.

Bhadas4media के मुताबिक़, बाइक बोट घोटाले के नाम पर पैसा ऐंठने वाला भाटी भी शामिल था. पहले भाटी और विजेंद्र सिंह दोनों News World India Director चैनल के पार्टनर थे. फिर विजेंद्र सिंह अकेले इस चैनल को देखने लगे.

यहां पढ़े: न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया चैनल में सेलरी नहीं मिली

यहां गौर करने वाली बात यह है कि भाटी और विजेंद्र सिंह दोनों एक साथ पार्टनर है. अगर विजेंद्र सिंह बाइक बोट मामले में शामिल है तो अभी तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है.

अगर आप भी बाइक बोट कंपनी के ठगी के शिकार है तो हमसे संपर्क करें. https://publicview.in/ और हमारी मुहिम से जुड़ें

आइए आपको बताते हैं, क्या है पूरा मामला, कैसे हुई इसकी शुरुआत

गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की शुरुआत गौतमबुद्धनगर के दनकौर जनपद में स्थित चीती गांव के रतन सिंह भाटी के पुत्र संजय भाटी (42) ने जनवरी 2010 में की थी.

जिसका ROC में रजिस्ट्रेशन वर्ष 2010 में ही कराया गया था. कम्पनी का आफिस चीती गांव में स्थापित किया, वर्ष 2017 में ROC से अनुमोदन प्राप्त कर ‘‘बाईक बोट’’ स्कीम की शुरूआत की गयी.

स्कीम बताकर की लोगों को ठगने की शुरुआत

कंपनी ने निवेशकों के सामने एक बिजनेस प्लान रखा और बताया गया कि आप बाइक की कीमत की रकम कंपनी में निवेश करो. बाइक रोड पर सवारियां ढोएगी. उनसे जो पैसा मिलेगा, उसे आपको महीने में रिटर्न मिलता रहेगा.

जिसके तहत कंपनी में निवेशकों को एक बाईक पर एक बार में 62100 रूपए निवेश करने होंगे और उसके बाद 12 महीनों की किस्त में 9765 रूपए की राशि जमा करानी होगी.

जिसके बदले कंपनी बाइक का किराया और लाभ हर महीने निवेशकों को देगी. साल में निवेशकों को 1 लाख 17 हजार 180 रूपए दिए जाने थे. संजय भाटी की कंपनी की यह स्कीम लोगों को पसंद आने लगी.

इन शहरों में लोकप्रिय हुआ बाइक बोट प्रोजेक्ट

जब कम्पनी का प्रोजक्ट बाईक बोट धीरे-2 लोकप्रिय होने लगा, और निवेशकों का रुझान बढ़ने लगा तो कम्पनी ने इसका प्रचार-प्रसार नोएडा से बाहर बुलन्दशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, सहारनुपर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, बनारस, लखनऊ आदि UP के शहरों में किया.

जिसके बाद यह प्रोजेक्ट हरियाणा के गुडगांव, रोहतक, पानीपत और पंजाब के पटियाला, जालंधर में प्रसिद्ध होने लगा.

राजस्थान के जयपुर, जोधपुर तथा मध्य प्रदेश के इन्दौर एवं महाराष्ट्र के पुणे, नासिक व उत्तराखंड के शहरों में फ्रैंचाइजी खोलना शुरू हो गया. जिसके बाद यह स्कीम राज्यों में फैलने लगी.

ऐसे हुई फ्रॉड की शुरुआत

कंपनी के पास ऐसे कई प्लान थे. जिन्हें बताकर बाइक बोट की कंपनी ने लोगों से लाखों रुपए जुटा लिए. गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड ने लोगों से पैसा जुटाने के लिए देश भर में फ्रैंचाइजी बांट रखी थी. निवेशकों को समझाया गया कि आप 3, 5 या 7 बाइक की लागत का पैसा कंपनी में निवेश कर सकते हैं.

जिसके बदले में आपको अच्छा खासा रिटर्न मिलेगा. ज्यादातर प्लान के तहत निवेश की गई रकम साल भर में दोगुनी से ज्यादा होने का दावा किया गया था. लोगों ने तगड़ा मुनाफा देखते हुए रातों-रात इस कंपनी में अपने जीवन भर की पूंजी लगा दी.

कंपनी निवेश के बाद भी लोगों को शुरुआत से ही शक था लेकिन जबसे हर महीने खाते में आने वाली रकम बंद हुई है तबसे निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है.

सुनील कुमार मीणा ने 34 लाख रुपए की ठगी की कराई FIR

बाइक बोट कंपनी के खिलाफ सबसे पहला केस जयपुर के सुनील कुमार मीणा ने 34 लाख रुपए की ठगी के आरोप में FIR दर्ज कराई.

सुनील का कहना है कि उसने संजय भाटी की कंपनी में 34 लाख रुपए निवेश किए थे. तब संजय भाटी की कंपनी ने कहा था कि इस निवेश के बदले उसे 51 बाइक और ड्राइवर दिए जाएंगे. फिर एक साल के भीतर 74 लाख रुपए का रिटर्न मिलेगा. कंपनी ने शुरुआत के दो महीने तो रिटर्न दिया. इसके बाद रिटर्न की किस्त बंद कर दी.

गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के खिलाफ अभी तक 37 केस दर्ज हो चुके हैं.

पुलिस अधिकारियों ने भी किया निवेश

कंपनी में बिजनेसमैन व नौकरीपेशा लोगों ने किया निवेश. इसी के साथ पुलिस विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों ने भी लाखों रूपए निवेश कर रखे हैं.

कंपनी ने हेल्पलाइन नंबर किया बंद

शुरुआत में कंपनी ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया था. उस पर निवेशकों की समस्याओं का समाधान होता था. लेकिन अब कंपनी ने उस हेल्पलाइन नंबर को भी बंद कर दिया है.

जांच के डर से खुद के ऑफिस में लगाई आग

15 जून को पुलिस ने संजय भाटी की दादरी स्थित कंपनी से 100 बाइक बरामद की थी. जिसके लिए पुलिस ने कंपनी के मालिक संजय भाटी और फ्रैंचाइजी हेड विजय कसाना को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था.

पूछताछ में आरोपियों से जानकारी मिली, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑफिस में आग लगाकर सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था.

पुलिस ने दनकौर स्थित चीती गांव में बाइक बोट दफ्तर से 100 बाइक, कंप्यूटर, 5 बड़े बैग जिनमें खाली व भरे हुए चेक व अन्य कागजात बरामद किए थे.

इनके खिलाफ है केस दर्ज

दादरी पुलिस ने संजय भाटी के अलावा राजेश भारद्वाज, सुनील कुमार प्रजापति, दीप्ति चहल, सचिन भाटी और करण पाल के खिलाफ केस दर्ज किया है.

कंपनी ने 1500 करोड़ घोटाला किया है, जिसमें लाखों आम इंसान की जमा पूंजी लग गयी. पुलिस प्रशासन कैसे कार्यवाही कर रही है कि अभी तक इस मामले की जड़ तक पंहुचा नहीं जा सका है.

क्या गरीब लोगों को उनके रुपए लौटाए जायेंगे. अगर हां तो कब ? क्यूंकि कंपनी ने रूपए वापस करने के नाम पर केवल आश्वाशन दिया है.

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