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परीक्षा के बिना झारखंड के 28 हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में

छात्रों को है फाईनल परीक्षा का इंतजार

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रांची।
राज्य के करीब 28 हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है। अभी तक इन सभी को अपने फाईनल परीक्षा का इंतजार है, लेकिन इस कोविड काल में इनकी परीक्षा आयोजन पर ग्रहण लग चुका है। ये सभी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित मध्यमा, मदरसा और इंटर वोकेशनल की परीक्षा होने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर भारी सुरक्षा के बीच और कोविड गाईडलाइन का पालन करते हुए जेईई मेन की परीक्षा शुरू हो गई है। जिसके बाद इन छात्रों को भी अपनी परीक्षा का इंतजार है, लेकिन जैक इस संदर्भ में कोई निर्णय कर ही नहीं पा रहा है। मालूम हो कि मध्यमा, मदरसा और वोकेशनल के लिए पहले ही फाॅर्म भरे जा चुके हैं। इसकी परीक्षा मैट्रिक-इंटर बोर्ड परीक्षा के बाद आयोजित की जानी थी, लेकिन लाॅकडाउन की वजह से परीक्षा स्थगित कर दी गई। लेकिन अब जिस तरह से स्कूल बंद है और संक्रमण बढ़ता जा रहा है उसके बाद जैक परीक्षा की तिथि नहीं निकाल पा रहा है।
परीक्षा में देर होने से शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। सितंबर तक परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी है, जैक सुत्रों के अनुसार जिस तरह से सरकार ने अभी तक स्कूलों को बंद रखा है उसे देखते हुए परीक्षा नवंबर-दिसंबर तक आयोजित हो सकती है। इसके बाद परीक्षा में पास होने वाले परीक्षार्थियों के पास नामांकन का समय नहीं बच सकेगा। ऐसी परिस्थिति में सत्र बूरी तरह प्रभावित होगा और छात्रों का साल भी बरबाद हो सकता है। फिलहाल परीक्षा भी इस माह आयोजित कर भी ली जाती है तो इनके नामांकन का मामला ुिफर भी लटक सकता है।

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सबसे अधिक मदरसा के परीक्षार्थी हैं

मदरसा और मध्यमा बोर्ड परीक्षा में सबसे अधिक मदरसा के परीक्षार्थी हैं। इनकी संख्या करीब 20 हजार तक है। जबकि मध्यमा में परीक्षार्थियों की संख्या करीब सात हजार तक है। इसके अलावा वोकेशनल कोर्स में परीक्षार्थियों की संख्या हजार के करीब है। कुल मिलाकर 28 हजार परीक्षार्थी इस परीक्षा में पिछले पांच माह से बैठने की तैयारी में है। परीक्षा आयोजन को लेकर ये छात्र लगातार जैक से जानकारी ले मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है। इधर, जैक का कहना है कि जबतक परीक्षा आयोजन को लेकर आदेश नहीं मिलता है तब तक इसे आयोजित नहीं की जा सकती। अभी सभी स्कूल बंद हैं, जिससे भी परेशानी बढ़ी है।

कंपार्टमेंटल और टेट की परीक्षा भी फंसी है

इन सब के अलावा मैट्रिक व इंटर में असफल करीब दो लाख छात्रों को कंपार्टमेंटल परीक्षा का इंतजार है। लेकिन अभी तक इसकी भी कोई तिथि नहीं निकाली जा सकी है। दूसरी ओर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) की परीक्षा इस बार आयोजित करनी थी, लेकिन कोविड महामारी में यह भी नहीं हो पाया है। इस बार बी स्थिति देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस वर्ष टेट की परीक्षा लेना संभव नहीं है, अभी तक इसके आवेदन तक नहीं लिए जा सके हैं।

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