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झारखंड: भूख से रो रही ढाई महीने की बेटी को पिता ने ली जान घर के आंगन में दफनाया, आरोपी गिरफ्तार

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एक तरफ देश में जहां “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” के नारे को अधिक महत्व दिया जा रहा है. लोग अपनी बेटियों को आगे बढ़ने की राह के मजबूत कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर एक ढाई महीने की बच्ची को उसके पिता ने केवल इसलिए मार दिया क्यूंकि वह भूख से रो रही थी.

दरअसल, झारखंड के पश्चिम सिंघभूम जिले में एक ऐसी ही वारदात हुई है, जिसके बारे में शायद ही किसी ने कल्पना की होगी. पश्चिम सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना के करसाकोला गांव में एक पिता ने अपनी ढाई महीने की बेटी की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि वह भूख से बिलख रही थी और चुप कराने पर भी चुप नहीं हो पा रही थी. बेटी की हत्या करने के बाद पिता ने उसके शव को घर के आंगन में ही दफना दिया.

बच्ची की हत्या के बाद उसकी मां अपने पति के खिलाफ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराने गयी जिसके बाद क्षेत्र के SP इंद्रजीत माहथा के आदेश पर आरोपी पिता कृष्णा तियु को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ़्तारी के बाद कृष्णा तियु ने यह बात कबूली की उसने अपनी बेटी की हत्या की है.

पुलिस की जानकारी के मुताबिक, वारदात से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी को इस कदर पीटा था कि वह भागकर मायके चली गई थी. मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की पत्नी ने फोन करके अपने बेटी के बारे में पूछताछ की.

आरोपी कृष्णा तियु की पत्नी ने बताया कि कृष्णा शराब के नशे में घर आया था और उसके साथ मार- पीट कर रहा था. जिसके बाद गांव वालों ने उससे कहा कि वह अपने मायके चली जाए वर्ण कृष्ण तियु उसे मार डालेगा. डर के कारण वह बेटी को छोड़कर अपने मायके चली गयी.

जिसके बाद नशे में धुत एक पिता ने अपनी भूखी ढाई महीने की बेटी को बड़ी बेहरहमी से मार डाला. पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्डम कराकर उसका शव उसकी मां को सौंप दिया है.

कृष्णा तियु की पत्नी का कहना है कि अगर वह मायके न जाती तो शायद उसकी बेटी जिन्दा होती.

एक पिता द्वारा अपनी बेटी की हत्या कर देना, उन पिताओं के लिए अभिशाप है जो आज के समय में अपनी बेटियों को बोझ मानते हैं. क्यूंकि जो पिता अपनी रोती हुई बेटी को चुप नहीं करा सकता वह और क्या करेगा.

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