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नियोजन नीति पर हंगामे के साथ समाप्त हुआ झारखंड विधानसभा माॅनसून सत्र

झारखंड विधानसभा के माॅनसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया।

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रांची। झारखंड विधानसभा के माॅनसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया। हंगामा करते हुए विपक्ष के विधायक कई बार वेल में आ गए, जबकि हंगामे के विरोध में सत्तापक्ष के विधायक भी वेल पर पहुंचे। बाद में कार्यवाही शुरू होने के बाद भी हंगामे के दौरान भाजपा विधायक रणधीर सिंह को स्पीकर ने पहली पाली में सदन से बाहर कर दिया। इधर मुख्यमंत्री ने कहा कि नियोजन नीति को लेकर सरकार हर पहलुओं को देख रही है। यह पिछली सरकार के करतूत का परिणाम है। लेकिन सरकार इसे लेकर कोई रास्ता निकालेगी ताकि भला हो सके। मालूम हो कि झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को नियोजन नीति खारिज किया था। जिस पर विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा जिस कारण कोर्ट ने इसे खारिज किया। जबकि सत्तापक्ष का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर सरकार ने गलत निर्णय को हाईकोर्ट ने खारिज किया है। इस सरकार की कोई भूमिका नहीं है। सत्र के दौरान स्पीकर द्वारा विपक्ष की ओर से पुलिस गेस्ट हाउस में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हाई स्कूल शिक्षकों के नियोजन नीति से जुड़े मामले पर लाये गये कार्य स्थगन प्रस्ताव को भी अस्वीकृत कर दिया, जिससे सदन में हंगामा और बढ़ गया।

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भाजपा ने सरकार पर शिकंजा कसा

भाजपा विधायक अमर बाउरी ने कहा कि सरकार अपने अधिकारी को कोर्ट में बचाने के लिए बड़े-बड़े वकील रखती है लेकिन हाई स्कूल के शिक्षकों के मामले में कुछ भी नहीं किया। राज्य के 13 शिड्यूल जिलों में वहां के लोगों के लिए नौकरी आरक्षित किया गया था। बाउरी ने कहा हमारी सरकार पर आरोप लगता था कि बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है, लेकिन यहां तो सभी स्थानीय को नौकरी मिली। वर्तमान सरकार ने कोर्ट में ठीक ढ़ंग से पक्ष नहीं रखा जिसके कारण इसे कोर्ट ने रद किया।
बाउरी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछली सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इसका आकलन करेंगे और उसके बाद ही कोई निर्णय होगा। यह पूर्व की सरकार की नियोजन नीति पर आदेश आया है। इस नियमावली के कारण कई हजार नियुक्तियां स्थगित रहीं। पूर्व की सरकार ने जो नहीं कर सकती थी, वह भी कर दिया। संविधान के खिलाफ काम किया। 13 अनुसूचित जिलों को राज्य के अन्य जिलों से बांट दिया। अब जब कोर्ट का निर्णय आ गया है तो पूर्व की सरकार अपनी गलती स्वीकर करे।

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सरकार किसानों के विकास पर काम कर रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के विकास के लिए काम कर रही है। उनके विकास के लिए कई कार्ययोजनाएं अंतिमचरण में है जो जल्द पूरा होगी। सरकार ने कोविड काल में सीमित संसाधनों के बीच कई राहत कार्य किए। परवासियों को वापस लाने से लेकर उनके विकास को लेकर काम किए गए। उन्हें रोजगार मुहैया कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने महंगाई पर कहा कि यह केंद्र सरकार के कृषि नीति में बदलाव करने की वजह से है। अब किसान अपने फसल का मूल्य तय नहीं कर सकेगा, इसका मूल्य देश -विदेश में बैठे साहुकार तय करेंगे जिससे किसानों को समस्या होगी।

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