Ultimate magazine theme for WordPress.
Medha Milk

पहली बार टाॅपर के लिए कार, झारखंड के टाॅपरों की होगी अल्टो कार की सवारी

इंतजार खत्म, जैक मैट्रिक और इंटर टाॅपरों को मिल रही अल्टो कार

3

रांची। राज्य के जैक के मैट्रिक और इंटर के दो स्टेट टाॅपरों को पुरस्कार के रूप में अल्टो कार देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इन मेद्यावी छात्रों को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो विनोद बिहारी महतो की जयंती पर बुधवार को विधानसभा में होने वाले कार्यक्रम में देंगे। इन टाॅपरों में नेतरहाट स्कूल के मनीष कुमार कटियार ने मैट्रिक में सर्वाधिक 490 अंक अर्जित किया था। जबकि गिरिडीह जिले के अमित कुमार ने 12वीं कक्षा में 457 अंक अर्जित कर ओवर आल टाॅपर बने हैं। इससे पहले भी उन्होंनें मैट्रिक की परीक्षा मे स्टेट टाॅप किया था। रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद शिक्षा मंत्री ने खुद इन्हें अपने खाते से कार देने की घोषणा की थी। जिसके बाद उन्होंने अपने वादे को पूरा करते हुए दो दिन पहले ही बोकारो जिले से कार की खरीदारी की है। इसके साथ ही मंत्री जगरनाथ महतो बोकारो जिले के टाॅपर को बाईक और डुमरी विधानसभा से 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 300 मेद्यावी छात्र-छात्राओं को को साईकिल पुरस्कार के रूप में दिया जाएगा।

पिता बैट्री मरम्मति का काम करते हैं

इंटर टाॅपर अमित कुमार काफी गरीब परिवार से आता है। उनके पिता बैट्री की मरम्मति कर घर-परिवार चलाते हैं। उनके सपनों को उनके पुत्र ने पुरा किया। वो भी एक बार नहीं बल्कि दो बार टाॅपर बन अपने पिता का मान बढ़ाया है। लगातार मैट्रिक व इंटर में टाॅप करने के बाद अब अमित कुमार आगे की पढाई बाहर करने का मन बनाया था। उसके हौंसले को देख कई लोग उनकी मदद के लिए भी आगे आ रहे हैं।

Must read : https://publicview.in/jac-students-life-getting-spoiled/

जरूरत पड़ी तो सरकार मदद को आगे आएगी – मंत्री

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सरकार हौनहारों की शिक्षा का भार उठाएगी। लेकिन किसी भी कीमत में मेद्यावी छात्रों की पढ़ाई रूकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि इस बार छात्रों ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले दस वर्षों में यह ओवरआल बेहतर प्रदर्शन छात्रों ने दिखाया है। उन्होंने कहा कि इनके प्रदर्शन के लिए शिक्षक से लेकर अभिभावक दोनों सम्मान के योग्य हैं।

इस बार 40 प्रतिशत तक कम हुआ सिलेबस

कोराना काल में स्कूल लगातार बंद होने के बाद सरकार ने मैट्रिक व इंटर की सिलेबस में बदलाव किया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 40 प्रतिशत तक विषय कम कर दिए हैं, जिसके बाद परीक्षा में इन विषयों से प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। मालूम हो कि लाॅकडाउन में सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल खोलने की तैयारी की थी लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी । लगातार कोरोना मरीजों के मिलने के कारण और संक्रमण के बढ़ने के डर से सरकार ने फिलहाल 30 सितंबर तक स्कूलों को बंद ही रखने का फैसला लिया है। हालांकि इस बीच लगातार अभिभावकों से स्कूल खोलने संबंधी सुझाव लिए जा रहे हैं। जिसमें अधिकतर अभिभावकों का मत है कि कोरोना वैक्सिीन के आने के बाद ही स्कूलों को खोलना बेहतर होगा। फिर भी सरकार बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए नौवीं से लेकर बारहवीं तक के कक्षाओं को खोलने की तैयारी में है। इस बीच सरकारी व निजी स्कूलों में आॅनलाइन के तहत पढ़ने-पढ़ाने का सिलसिला जारी है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.