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JNU: स्टूडेंट्स के बिहारी बताने पर, सीनियर ने की रैगिंग

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सभी कॉलेज में रैगिंग पर रोक लगी हुई है. किसी भी कॉलेज में स्टूडेंट्स की रैगिंग करना अनुचित माना जाता है. सबसे ज्यादा रैगिंग की शिकायत मेडिकल और इंजीनियर कॉलेज से आती है.

लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे छात्र के बिहारी होने पर सीनियर ने उससे उठक- बैठक लगवाई और छात्र की पिटाई भी की.

JNU में छात्र के साथ रैगिंग

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सेंटर ऑफ जर्मन स्टडीज के BA प्रथम वर्ष के छात्र से रैगिंग का मामला सामने आया है.

स्टूडेंट्स ने अपने सीनियर पर आरोप लगाया है कि एक PHD स्कॉलर ने उसके साथ मारपीट की और कान पकड़वाकर उठक- बैठक भी लगवाई.

कहा बिहारी तो शुरू की रैगिंग

छात्र ने बताया कि 10 जुलाई को उसने JNU के सेंटर ऑफ जर्मन स्टडीज के BA के कोर्स में एडमिशन लिया था.

एडमिशन लेने के 8 दिन बाद यानि 18 जुलाई को सेंटर ऑफ इंग्लिश स्टडीज का एक PHD स्टूडेंट अपने दो साथियों के साथ उसके पास आया.

PHD कर रहे स्टूडेंट्स ने छात्र से उसके बैकग्राउंड और घर के बारे में पूछा, जब छात्र ने बताया कि वह बिहार से है तो सीनियर ने उससे उठक- बैठक लगवाई और बेचारे BA प्रथम वर्ष में पढ़ने आए छात्र को धमकाया कि ठीक से रहा करो यह दिल्ली है.

पीड़ित स्टूडेंट ने Public View को जानकरी दी कि आरोपियों ने न केवल उससे उठक- बैठक लगवाई बल्कि उसकी पिटाई भी की.

उठक- बैठक लगवाने के साथ साथ आरोपियों ने छात्र से कहा कि अगली बार मिलो तो नाक रगड़कर प्रणाम करना.

पीड़ित छात्र ने पुलिस में की शिकायत

मामले का उस समय पता चला जब छात्र ने JNU की एंटी रैगिंग कमेटी और वसंत कुंज उत्तर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

FIR दर्ज होने के बाद भी अभी तक पुलिस ने आरोपी PHD छात्रों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

इसके बाद छात्र ने 20 जुलाई को मामले को लेकर ट्वीट भी किया. जिसमें उसने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल और नित्यानंद राय समेत JNU के वीसी को टैग किया.

राज्य के नाम पर स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग करना कहां तक सही है और पुलिस प्रशासन ने भी अभी तक इस पर कार्यवाही शुरू क्यों नहीं की.

Public View की राय: कोई भी स्टूडेंट्स कॉलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त करने आता है. किसी भी अन्य छात्र को कोई हक नहीं है कि वह किसी स्टूडेंट्स के साथ ऐसा बर्ताव न करें.

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