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NDTV के पत्रकार रविश कुमार को मिला एशिया का नोबेल प्राइज माना जाने वाला रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड

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NDTV के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को “बेआवाज़ों की आवाज़ बनने” के लिए 2019 रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

 

एशिया का नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाला यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 12 साल बाद किसी भारतीय पत्रकार को मिल रहा है। इससे पहले 2007 में पी. साईनाथ ने यह अवार्ड जीता था.

 

पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि, रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.”

 

रैमॉन मैगसेसे अवार्ड फाउंडेशन ने इस संबंध में कहा, “रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह पुरस्कार मिल चुका है.

क्या है रमन मैग्सेसे पुरस्कार

एशिया के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को उनके क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय काम के लिए दिया जाता है. यह रमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन द्वारा फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रमन मैग्सेसे की याद में दिया जाता है.

यह पुरस्कार 6 श्रेणियों में दिया जाता है. ये श्रेणिया हैं- शासकीय सेवा, सार्वजनिक सेवा, सामुदायिक नेतृत्व, पत्रकारिता एवं साहित्य, शांति और उभरता नेतृत्व.

 

1957 में स्थापित, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार एशिया का सर्वोच्च सम्मान है.

 

पत्रकारिता एवं साहित्य श्रेणी में रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले भारतीय

 

1. 2019- रवीश कुमार

2. 2007- पालगुम्मी साईनाथ

3. 1997- महाश्वेता देवी

4. 1992- रवि शंकर

5. 1991- के वी सुब्बना

6. 1984- राशीपुरम लक्ष्मण

7. 1982- अरुण शौरी

8. 1981- गौर किशोर घोष

9. 1975- बीजी वर्गीस

10. 1967- सत्यजित राय

11. 1961- अमिताभ चौधरी

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