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पिछले 10 सालों में झारखंड में गरीबी का स्तर 74.9 फीसदी से कम होकर 46.5 फीसदी तक पंहुचा

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जैसाकि सब जानते हैं कि भारत लगभग 130 करोड़ जनसंख्या वाला देश है. जनसंख्या ज्यादा होने के साथ- साथ भारत में गरीबी भी बहुत व्यापक रूप से अपनी जड़ें फैलाये हुए है. ऐसा अनुमान है कि विश्व में सम्पूर्ण गरीब लोगों की संख्या का तीसरा हिस्सा भारत में है.

भारत में 2006 से 2016 के बीच गरीबी के स्तर की बात की जाए तो इसका आंकड़ा 55.1 फीसदी से गिरकर 27.1 फीसदी पर आ गया है. भारत में करोड़ो लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं.

वहीं अगर भारत के सबसे गरीब राज्यों की बात करे तो बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा. इन राज्यों में विकास की सबसे ज्यादा आवश्यकता है.

लेकिन विकास के क्षेत्र में पिछले 10 साल की रिपोर्ट में पाया गया है कि, गरीब क्षेत्रों में झारखंड एक ऐसा राज्य है, जिसने अपने क्षेत्र में गरीबी को सबसे जल्दी कम किया है.

ग्लोबल मल्टीडायरेक्शनल पावर्टी इंडेक्स (MPI) ने 2019 की रिपोर्ट में ये बात बताई गयी हैं. ऑक्सफोर्ड पावर्टी एंड ह्यूमन डिवेलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) और यूनाइटेड नेशन डिवेलपमेंट प्रोग्राम ने मिलकर MPI को तैयार किया है. इस रिपोर्ट में 10 इंडीकेटर्स के आधार पर गरीबी को लेकर 101 देशों की स्थिति बताई गई है.

जिसमें भारत ने MPI के 10 इंडीकेटर्स में से ज्यादातर में सुधार किया है.विकासशील देशों में ऐसे 10 देश हैं जिनकी कुल जनसंख्या 2 अरब है. भारत ऐसे 3 देशों में शामिल है, जहां पर ग्रामीण इलाकों की गरीबी, शहरी इलाकों की गरीबी की तुलना में तेजी से कम हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, यह गरीबी को खत्म करने विकास की ओर बढ़ने का एक संकेत है.

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