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मदरसा का महापापी मौलवी, 30 साल से कर रहा था बच्चों के साथ गंदा काम

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उम्र के आखिरी पड़ाव पर खड़ा वो मौलवी एक घिनौनी सनक का शिकार था जिसे समाज हैवान का दर्जा देता है. वो बच्चों को पढ़ाने लिखाने के नाम पर करता था यौन शोषण. वो बच्चों के भोलेमन का फायदा उठाकर अपनी हवस की आग को बुझाता था. वो मदरसे जैसे पाक साफ जगह पर पाप का काम करता था. वो बच्चों के मां-बाप को अंधेरे में रखकर दिन के उजाले में करता था घिनौना काम. लेकिन एक दिन मदरसे के अंदर से बच्चों की चीख ने खोल दी मौलवी की हैवानियत भरी करतूत का राज़ और फिर पहुंच गया सलाखों के पीछे.

पुलिस की पूछताछ में मौलाना ने कबूल किया कि वह भी बचपन में यौन शोषण का शिकार हो चुका है। इसका बदला लेने के लिए उसने सबसे पहले यौन शोषण करने वाले शख्स की बेटी का रेप किया। इसके बाद से वो लगातार मासूम बच्चों का यौन शोषण करने लगा। खासकर वह 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाता है।

जानिए पूरा मामला क्या है ?

केरल के कोट्टायम से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां पुलिस ने 63 वर्षीय मदरसा अध्यापक को मासूम बच्चों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मदरसे का टीचर 63 वर्षीय मौलाना युसूफ करीब 30 वर्षों से बच्चों का यौन शोषण कर रहा था। शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उसे दो सप्ताह के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस से पूछताछ में आरोपी मौलान ने यह कबूल किया है कि जब वह जवान था, तभी से बच्चों का यौन शोषण कर रहा है। इतना ही नहीं आरोपी ने यह भी बताया कि वह 10 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाता है।

मिठाई के बहाने बच्चों को फांसता था

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी मौलान मासूम बच्चों को मिठाई देने के बहाने प्राइवेट रूम में ले जाकर उनका शोषण करता था। मौलाना ने पूछताछ में बताया कि जब मस्जिद के प्रमुख इमाम बाहर होते थे, वह बच्चों को बहलाकर प्राइवेट रूम में ले जाता और उनका शोषण करता।

खुद भी रहा है यौन शोषण का शिकार

पुलिस ने पूछताछ में यह भी पाया कि आरोपी मौलाना खुद ही यौन शोषण का शिकार रहा है। इसके बाद उसने बदला लेने के लिए यौन शोषण करने वाले शख्स की बेटी का रेप किया। मौलाना ने बताया कि इसके बाद से वह लगातार बच्चों का यौन शोषण करने लगा।

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक

ऐसे मामले में मनोचिकित्सकों का दावा है कि इस तरह का इंसान कभी न कभी यौन कुंठा का बचपन में शिकार हुआ होगा. वो अपने अंदर के शैतान से लड़ते लड़ते खुद यौन कपंठा को मिटाने का आदि हो जाता है. ऐसे लोगों का समय पर उचित इलाज न हो तो समाज के लिए एक खतरा बन सकता है.

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