Ultimate magazine theme for WordPress.

Jharkhand: आयुष्मान भारत कार्ड धारक होने के बावजूद मरीज को नहीं मिल रही दवाएं

0

कतरास के रहने वाले विकास लीवर फेलियर जैसे बीमारी से ग्रसित हैं. उसे इलाज के झारखंड के राजधानी रांची के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया है. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा एक योजना लायी गयी थी जिसका नाम हैं आयुष्मान भारत योजना, इस योजना के तहत आने वाले हर व्यक्ति का इलाज मुफ्त में होना. विकास भी एक आयुष्मान भारत कार्ड होल्डर हैं.

विकास को उसके इलाज के लिए एल्बुमिन नाम की दवा दिया जाना हैं. इस दवा क़ीमत करीब पांच हज़ार हैं, लेकिन विकास को अस्पताल से दवा नहीं मिल रही हैं. जब इस बात को लेकर विकास के परिजन RIMS प्रबंधन के पास पहुंचे तो उन्होंने का कि विकास का रजिस्ट्रेशन दोबारा कराना होगा.

दूसरे तरफ दवा नहीं मिलने पर विकास की तबियत दिन प्रति दिन ख़राब होती जा रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य’ योजना (आयुष्मान भारत योजना ) की घोषणा की थी. इसे पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से देशभर में लागू किया गया था.

आयुष्मान भारत योजना (ABY) में हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस मिल रहा है. साल 2008 में यूपीए सरकार द्वारा लांच राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (NHBY) को भी आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) में मिला दिया गया है.

सरकारी अस्पताल और पैनल में शामिल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना (ABY) के लाभार्थियों का कैशलेस/पेपरलेस इलाज हो सकेगा.

आपको बता दें कि कतरास के रहने वाले विकास को जॉन्डिस होने की वजह से उसे धनबाद से रांची रेफर कर दिया गया था. विकास का इलाज डॉ. विद्यापति यूनिट में किया जा रह हैं.

विकास के भाई का कहना हैं कि पिछले पांच दिन से विकास अस्पताल में भर्ती हैं और उसे सामान्य दवाईयां दी जा रही हैं. जिस दवा की ज़रुरत विकास को हैं वो दवा उसे नहीं दी जा रही है.

आयुष्मान भारत कार्ड धारक होने के बाद भी विकास के परिवार को बहार से दवाई खरीदनी पड़ रही हैं. दवा की कीमत ज्यादा होने की वजह से विकास के परिजन RIMS प्रबंधन के पास गए थे, लेकिन उन्होंने जवाब में कहा की दवा नहीं मिलेगी, फिर से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा.

ग्रामीण इलाके के लिये आयुष्मान भारत योजना (ABY) में शामिल होने के लिए मोटे तौर पर ये योग्यता हैं:

ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान, परिवार में किसी व्यस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/दिहाड़ी मजदूर

इसके अलावा ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और क़ानूनी रूप से मुक्त बंधुआ आदि खुद आयुष्मान भारत योजना (ABY) में शामिल हो जायेंगे.

शहरी इलाके के लिए आयुष्मान भारत योजना (ABY) में शामिल होने के लिए ये योग्यता हैं:

भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले अन्य व्यक्ति. कंस्ट्रक्शन साईट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली और भार ढोने वाले अन्य कामकाजी व्यक्ति स्वीपर, सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले, हेंडीक्राफ्ट का काम करने वाले लोग, टेलर, ड्राईवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग आदि आयुष्मान भारत योजना (ABY) में शामिल होंगे.

आयुष्मान भारत कार्ड धारक को अस्पताल में एडमिट होने के लिए कोई चार्ज नहीं चुकाना पड़ेगा. अस्पताल में दाखिल होने से लेकर इलाज तक का सारा खर्च इस योजना में कवर किया जायेगा.

आयुष्मान भारत योजना में शामिल व्यक्ति देश के किसी भी सरकारी/पैनल में शामिल निजी अस्पताल में इलाज करा सकेगा.

आयुष्मान भारत योजना (ABY) का लाभ लेने के लिए कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है. एक बार योग्य होने पर आप सीधे इलाज करा सकते हैं. सरकार द्वारा चिन्हित परिवारों के लोग ABY में शामिल हो सकते हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.