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आदिवासी आधिकारों पर संघर्ष करने वाले स्टैन स्वामी की गिरफ़्तारी अत्यंत निंदनीय-बंधू तिर्क़ी

विधायक बंधू ने कहा कि स्टैन स्वामी को एक फ़र्ज़ी केस में फंसा कर परेशान करना और गिरफ्तार करना केंद्र की भाजपा सरकार के एजेंडा को बेनकाब करता है।

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रांची। विधायक बंधू तिर्की ने एनआईए द्वारा  84 वर्षीय स्टैन स्वामी की गिरफ़्तारी को अत्यंत निंदनीय बताया है। विधायक बंधू तिर्की ने शनिवार को कहा कि स्टैन स्वामी दशकों से झारखंड में आदिवासी-मूलवासियों के जन अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने स्टैन स्वामी की गिरफ़्तारी का पूर्ण विरोध करते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि उनके विरुद्ध भीमा-कोरेगांव के फ़र्ज़ी केस को तुरंत बंद करे और उन्हें अविलम्ब रिहा करे। वे जल, जंगल, ज़मीन पर आदिवासियों के संवैधानिक हक़ के लिए अडीग रहे हैं। वे विस्थापन और कॉर्पोरेट द्वारा आदिवासियों के संसाधनों की लूट के विरुद्ध मुखर रहे हैं। पिछली भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई लैंड बैंक नीति का उन्होंने पुरजोर विरोध किया था। आदिवासी-मूलवासियों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था – ग्राम सभा – में उनका पूर्ण विश्वास है।

फ़र्ज़ी केस में फंसाया गया – बंधू

विधायक बंधू ने कहा कि स्टैन स्वामी को एक फ़र्ज़ी केस में फंसा कर परेशान करना और गिरफ्तार करना केंद्र की भाजपा सरकार के एजेंडा को बेनकाब करता है। मोदी सरकार को वैसे सभी लोगों से समस्या है जो आदिवासी-दलित और वंचितों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते हैं और उसकी जन विरोधी नीतियों पर सवाल करते हैं, एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार लगातार आदिवासी-मूलवासियों के जल, जंगल, ज़मीन और प्राकृतिक संसधानों पर हमला कर रही है और दूसरी ओर इस हमले के विरुद्ध सवाल करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसा कर परेशान कर रही है। यह भी चिंताजनक है कि एनआईए रात के अँधेरे में आकर, बिना राज्य सरकार की सहमती के, झारखंडियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक इंसान को उठाकर ले गयी।
उन्होंने केंद्र से माँग की कि एनआईए की नियमावली में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वह सम्बंधित राज्य सरकार की सहमती के बिना किसी प्रकार की कार्यवाई उस राज्य में न कर सके।

आदिवसियों के अधिकारों के पक्ष में लिखने और बोलने वाले स्टैन स्वामी पर भाजपा सरकार द्वारा “अर्बन नक्सल” होने का आरोप लगाना भी इसका एक उदहारण है।स्टैन स्वामी की गिरफ़्तारी झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों के अधिकार पर हमला है।
-बंधू तिर्की, विधायक, माँडर, झारखंड।

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