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नवीन पटनायक पांचवीं बार ओड़िशा के CM

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नवीन पटनायक पांचवीं बार ओड़िशा के सीएम-CM बने. उन्होंने भुवनेश्वर में हुए सार्वजनिक समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटनायक के साथ 20 मंत्रियों में से करीब आधे मंत्री पहली बार शपथ ले रहे हैं।

इससे पहले ओडिशा के गवर्नर गणेशी लाल ने कल शाम पटनायक की सिफारिश पर 11 कैबिनेट और 9 राज्य मंत्रियों की नियुक्ति कर दी। पटनायक से पहले सिर्फ दो सीएम पश्चिम बंगाल में ज्योति बसु-JYOTI BASU और सिक्किम में पवन चामलिंग-PAWAN CHAMLING पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

राजनीतिक पंडितों की ओर से एंटी इंकम्बैन्सी फैक्टर और बीजेपी के तेज उभार के कारण हंग असेंबली होने की संभावना के बाद भी पटनायक की बीजेडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 112 सीटें जीत लीं। 2014 के असेंबली इलेक्शन से इस बार सिर्फ पांच सीटें कम मिली हैं। शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर फेमस राइटर और नवीन पटनायक की बहन गीता मेहता- GEETA MEHTA भी मौजूद थीं।

ग्यारह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इनमें झारसुगुडा के एमएलए नबा किशोर दास और तितलागढ़ के एमएलए टुकुनी साहू को छोड़ सभी पुराने चेहरे हैं। नौ राज्य मंत्रियों में अशोक पांडा को छोड़ सारे नये चेहरे शामिल किये गये हैं। अब सीएम नवीन पटनायक और मंत्रिमण्डल में कुल 21 सदस्य हो गये हैं।

इस बार भारतीय जनता पार्टी-BJP पटनायक को घेरने में पीछे नहीं थी और उनके हर चुनाव से पहले होने वाली घोषणाओं को बीजेपी मुद्दा बनाने पर तुली थी। बीजेपी जनता को समझा रही थी कि चुनाव हो जाने के बाद इन घोषणाओं पर अमल नहीं होने जा रहा है।

राज्य में बीजेडी-BJD से बीजेपी ने बनायी थी दूरी

बीजेपी महासचिव-जनरल सेक्रेटरी और ओडिशा के इंचार्ज अरुण सिंह कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने ओडिशा के इस महीने के अपने दौरों में नवीन पटनायक सरकार पर जोरदार हमला बोलकर साफ कर दिया था कि उनके और बीजेडी के बीच तालमेल नहीं है, बल्कि बीजेपी का मकसद बीजेडी शासन से ओडिशा को मुक्त करा करके विकास के रास्ते पर लौटाना है। सच तो यह है कि पिछली लोकसभा में बीजद-BJD ने कई मौके पर संसद में भाजपा का साथ देकर मुश्किलें टाली भी थीं, इससे ये अटकलें लगती रही कि दोनों पार्टियां नजदीक हैं।

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