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अफ्रीका में फंसा बिहार का निशांत, पत्नी सिस्टम के आगे बेबस,सरकार से भी कोई मदद नहीं

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निशांत पोद्दार जो बेतिया, बिहार निवासी है. उन्हें वेस्ट अफ्रीका के आबिदजान से 5 अगस्त को चोरी के मामले में आरोपी बना कर गिरफ्तार किया गया. निशांत वहां एक निजी कंपनी सूर्य एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड में प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत थें.

निशांत आबिदजान में अपनी पत्नी सोनल पोद्दार और डेढ़ साल की बेटी हिरदी पोद्दार के साथ उस घर में रहते थे जो उन्हें कंपनी द्वारा ही दिया गया.

4 अगस्त को निशांत अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाहर गए थे, लेकिन जब वह वापस आये तो देखा कि घर का दरवाज़ा खुला है और सारे पैसे चोरी हो चुके हैं. निशांत ने तुरंत इसकी जानकारी कंपनी के मालिक को दी. लेकिन कंपनी के मालिक ने उल्टा निशांत के नाम पर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और पुलिस निशांत को पकड़ कर ले गयी.

 

अफ्रीका में फंसा बिहार का निशांत, पत्नी सिस्टम के आगे बेबस,सरकार से भी कोई मदद नहीं
Nishant’s Family

 

निशांत की तलाश में कई थानों का चक्कर काटते रही.

निशांत की पत्नी सोनल निशांत की तलाश में कई थानों का चक्कर काटते रही लेकिन उनकी निशांत से कोई मुलाकात नहीं हो पायी.

हमने इस पूरी घटना पर निशांत के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की जिसके बाद हमारी बात निशांत के छोटे भाई पीयूष पोद्दार से हुई.

उन्होंने www.publicview.in को बताया कि, निशांत की नौकरी सूर्य एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड में होने के बाद वह पहली बार फरवरी 2018 में आबिदजान गए थे. उसके बाद वो छुट्टी ले कर दिसंबर 2018 में वापस घर लौट गए.

फिर दोबारा निशांत इस साल के मई महीने में अपनी नौकरी जारी रखने के लिए आबिदजान रवाना हुए. इस बार वो अपने साथ अपनी पत्नी सोनल और बेटी हिरदी को भी साथ ले गए थे.

जब हमने घर पर रखे पैसों के बारे में पीयूष (निशांत का भाई) से पूछा तो उन्होंने बताया कि, कंपनी में एक दफा ईद के समय में चोरी हुई थी उसके बाद से पैसे भैया के घर में रखा जाने लगा.

पब्लिक व्यू के संवादाता ने पूछा

जब घर से पैसों का लेन-देन हो रहा था तो क्या कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गयी थी ?

पीयूष :- नहीं कोई सुरक्षा कोई गार्ड नहीं. भैया कहते थे की आप पैसों का लेन देन बैंक से कीजिए या फिर सुरक्षा प्रदान कीजिए. तो कंपनी वाले कहते थे कि, हाँ हाँ हो जायेगा. लेकिन कुछ नहीं हुआ.

 

पीयूष ने आगे बताया कि मेरी भाभी भारतीय एम्बेसी में मदद मांगने के लिए गयी थी लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली. उन्हें बोला गया कि तुम इंडियन हो हम तुम्हारी मदद नहीं कर सकते.

हालाकिं सोनल की मुलाक़ात अपने पति निशांत से मंगलवार को हुई, पीयूष का कहना है कि जब सोशल मीडिया पर भाभी का वीडियो वायरल हुआ और दवाब बना तब जा कर उन्हें मिलने दिया गया है.

 

निशांत के परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगायी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. निशांत की पत्नी सोनल ने भारतीय एम्बेसी से मदद मांगी, मगर वहां से भी कुछ हासिल नहीं हुआ.

हर जगह से बेबस हो कर पत्नी ने लिया सोशल मीडिया का सहारा

हर जगह से बेबस और लाचार होकर सोनल ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और उन्होंने सोशल मीडिया में अपना वीडियो डाला जिसमे वो रो रो कर मदद की गुहार लगा रही है.

 

एक वीडियो में सुना जा सकता है कि, निशांत की पत्नी अपने किस्मत को कोसते हुए कह रही हैं कि, यदि आज स्वर्गीय सुषमा स्वराज होती तो शायद वो हमारी गुहार को सुनती. लेकिन वो भी आज नहीं हैं.

 

निशांत के भाई ने जेल के बारे में बताया कि, जेल में व्यवस्था बिलकुल भी ठीक नहीं है. पानी मांगो तो पीने को पानी भी नहीं. खाने से लेकर पीने तक का पानी बाहर से देना पड़ता है.

पीयूष ने तो यह तक कहा कि, कोई भी इंसान अगर वहां 10 दिन रह जाए तो वो वैसे ही मर जायेगा.

हमने निशांत की पत्नी सोनल से भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन घटना के बाद से उनकी तबियत और मानसिक रूप से परेशान होने की वजह से वो हमसे बात करने में असमर्थ थी.

 

सोनल द्वारा भारतीय एम्बेसी को चिट्ठी लिखने और PMO को मेल कर अपनी परेशानी बताने के बाद भी उन्हें अभी तक कहीं से कोई मदद नहीं मिली है.

www.publicview.in लगातार इस मुद्दे पर खबर करता रहेगा और हमारी भारत सरकार से गुज़ारिश है कि वो जल्द से जल्द इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया दे.

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