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सपा- बसपा से अलग होकर अब अन्य पिछड़ा वर्ग भी BJP के साथ

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BJP ने देश में अपना अच्छा स्तर कायम कर लिया है. जिसके बाद अब UP के अन्य पिछड़ी जाति के लोगों ने भी सपा-बसपा से अलग होकर BJP की ओर अपना कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है. सभी विरोधी पार्टियां इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर BJP के पास ऐसा कौनसा हथियार हैं जिसकी वजह से सब उनकी तरफ खिचते चले जा रहे हैं.

दरअसल, UP में कई अन्य पिछड़ी जाति के लोग रहते हैं जैसेकि लोहार, कुम्हार, बढ़ई, माली, गड़ेरिया, धानुक, कोल, बधिक, खरोट, बाल्मीकि आदि. इन जातियों को राजनीती पार्टियों ने हमेशा से नज़रअंदाज़ किया हैं.

सपा-बसपा के कार्यकाल में भी पिछड़ी जातियों की ज़िंदगी में बदलाव नज़र नहीं आया. सपा-बसपा
पार्टी इन जाति की फ़िक्र करती नहीं दिख रही है और इसी बात को BJP ने इस बार अपने पक्ष में ले लिया. PM नरेंद्र मोदी अपने आप को कई बार अति-पिछड़ा बोल चुके हैं. जिसकी वजह से पिछड़ी जाति के लोगों को लगता हैं कि BJP उनके जीवन में बदलाव लाएगी. UP में BJP पिछले 10 सालों से पिछड़े तथा कम संख्या वाली जातियों के साथ जातीय सम्मलेन करती रही हैं और इनसे जुड़े देवी-देवताओं व महापुरुषों के साथ संपर्क रखकर अपनी नज़दीकी बढ़ाती रही है.

UP में OBC को 3 भागों में बांटा

UP की सामाजिक न्याय समिति के 2001 के रिकॉर्ड के मुताबिक़ UP में OBC की 79 जातियां है. जिनमें से केवल 70 जातियों को आरक्षण का कोई खास लाभ नहीं मिला है. सामाजिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और सरकारी नौकरियों में सभी पिछड़ी जातियों की जांच के बाद UP सरकार ने 15 सितम्बर 2001 को एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी गजट के माध्यम से OBC को 3 भागों में बांट दिया.

  • शेड्यूल (A) यानी पिछड़ा,
  • शेड्यूल (B) यानी अति पिछड़ा
  • शेड्यूल (C) यानी अत्यंत पिछड़ा

BJP एक ऐसी पहली पार्टी रही है जिसने पिछड़े वर्ग के लोगों की परेशानियों को पहचाना और उनके मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया. सपा-बसपा के नेताओं ने अति पिछड़ी जातियों की तरफ कभी ध्यान नहीं दिया और न ही उनके विकास को आगे बढ़ाया. BJP का पिछड़ी जाति की ओर ध्यान देना. BJP को भविष्य में और ज्यादा सफलता की ओर ले जा सकता हैं.

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