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यौन उत्पीड़न के मामले में JVM विधायक प्रदीप यादव को गिरफ्तार करने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी

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अपने ही पार्टी के तत्कालीन महिला प्रवक्ता से छेड़छाड़ करने के मामले में JVM विधायक प्रदीप यादव की गिरफ्तारी पुरज़ोर कोशिशें चल रही है. रविवार को देवघर पुलिस ने रांची के डोरंडा स्थित विधायक पदीप यादव के घर पहुंची और छापेमारी की, लेकिन प्रदीप यादव पुलिस के हाथ नहीं आये. छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से विधायक प्रदीप यादव के बारे में पूछताछ किया और विधायक के अन्य ठिकानो के बारे में भी पूछा.

गौरतलब है कि शनिवार को विधायक प्रदीप यादव के खिलाफ देवघर CJM कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. 13 जून को प्रदीप यादव ने साइबर थाना में SDPO विकास चंद्र श्रीवास्तव और IO संगीता कुमारी के सामने बयान दर्ज कराया था. पुलिस ने उनसे 2 घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की थी.

क्या था मामला

आपको बता दें कि, झारखंड विकास मोर्चा (JVM) की प्रदेश प्रवक्ता ने अपनी ही पार्टी के प्रधान महासचिव और गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार रहे प्रदीप यादव पर छेड़छाड़ का आरोप लगया था. उन्होंने देवघर के महिला थाने में प्रदीप यादव के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था. पीड़ित महिला रांची के हटिया की रहने वाली हैं और झारखंड हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रही हैं.

पीड़िता का आरोप था कि बीते 20 अप्रैल को देवघर के मोहनपुर में महागठबंधन की ओर से एक जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें बाबूलाल मरांडी, हेमंत सोरेन, हरिनारायण राय और प्रदीप यादव जैसे दिग्गज उपस्थित थे. जनसभा खत्म होने के बाद प्रदीप यादव ने उन्हें पार्टी के काम से एक होटल में बुलाया, जहां कुछ लोगों से मिलवाने की बात हुई थी.

पीड़ित ने बताया था कि, ‘तकरीबन साढ़े आठ बजे वह होटल पहुंची. उसी वक्त प्रदीप यादव ने उनके साथ बदसलूकी की और छेड़छाड़ करने की कोशिश भी की. इसके बाद उन्होंने ने बाबूलाल मरांडी को फोन किया और घटना की पूरी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा.’ महिला का आरोप है कि प्रदीप यादव के तरफ से उन्हें लगातार धमकी दी जा रही थी.

इस मामले में पूर्व प्रधान महासचिव प्रदीप यादव का भी बयान आया था, उन्होंने कहा था कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत BJP फंसाने की कोशिश कर रही है. मनगढ़ंत आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि निशिकांत दुबे को हार का डर सता रहा है. लिहाजा तरह-तरह के हथकंडे का इस्तेमाल किया जा रहा है. हलांकि पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट चुकी है.

इस मामले में प्रदीप यादव का कहना है कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. समय आने पर सभी बातों का खुलासा हो जाएगा.

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