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रमजान के मौके पर श्री राम समिति ने मुस्लिम महिला को रक्तदान कर की मदद

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लोहरदगा। कहते हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं होता। चल रहे रमजान के इस पाक महीने में हिंदू भाइयों ने ये कहावत सच दी है। उन्होंने एक मुस्लिम बहन को रक्तदान कर पूरे समाज में इंसानियत के सामने एक मिसाल कायम दी है।

जनपद की जय श्रीराम समिति के सदस्यों ने रमजान के अवसर पर एक बीमार मुस्लिम महिला को
उस समय खून देकर उसकी सहायता की, जब वह उन्हें खून की सख्त जरूरत थी।

अपने सम्मानित पाठकों को हम बताना चाहते हैं कि आज भी हमारे समय का ऐसा रवैया बना हुआ है, जिसमें आमतौर पर परिवार से बाहर किसी भी खून के लिए मरते किसी व्यक्ति को हम लोग खून देने की सोचते तक नहीं है. इस मानसिकता के चलते आज आये दिन अस्पतालों में हजारों मरीज दम तोड़ने को मजबूर हैं.

सदर प्रखंड के ग्राम जोरी का एक ताजा मामला सामने आया है. यहां रह रहे सबीर अंसारी की पत्नी रकीबा खातून का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा था। डॉक्टर ने ऑपरेशन को लेकर उसे खून की व्यवस्था करने को कहा। इस धूप और गर्मी में रोजा रखे परिवार वाले काफी परेशान हो गये।

बाद में परिवार वालों ने जय श्री राम समिति से संपर्क किया फिर समिति के पूर्व अध्यक्ष और डीएसपी रंजीत लकड़ा ने स्वयं रक्तदान किया। मौके पर संचालन समिति के सदस्य- ओम महतो, राजू उरांव, पवन तिग्गा, अनूप गुप्ता, अजय सोनी, कबीर अंसारी आदि भी मौजूद थे।

सदस्यों ने कहा कि इससे कदम से धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर नफरत फैलाने वालों को सीख लेनी चाहिए। उन्हें यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि मानवता से बड़ा कोई धर्म या मजहब नहीं होता।

भारत ऐसा देश हैं, जहां कई समुदाय के लोग रहते हैं और हम सबको एक-दूसरे की सहायता करनी ही
चाहिए.

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