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शनिवार को तेजस्वी और तेज प्रताप अपने पिता से करेंगे मुलाक़ात, जानिए किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चाएं

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RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे, तेजप्रताप और तेजस्वी यादव शनिवार को रांची के रिम्स अस्पताल में काफी लम्बे समय के बाद पिता लालू यादव से मुलाकात करेंगे और उनकी सेहत का जायज़ा लेंगे. बाप-बेटों के मुलाक़ात के दरम्यान लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार पर बात हो सकती है. साथ ही, तेजप्रताप के बागी तेवरों पर चर्चा हो सकती है.

RJD सुप्रीमो दोनों बेटों से पार्टी और परिवार को एकजुट रखने की बात कर सकते हैं और लोकसभा चुनाव में गलत उमीदवार के चयन पर अपनी नसीहत दे सकते हैं. या हम कहें तो अपने तजुर्बे को अपने बेटों के साथ साझा कर सकते हैं.

अपने पिता से मुलाक़ात करने के लिए तेज प्रताप शुक्रवार को ही रांची आ गए थे, लेकिन अगर हम तेजस्वी की बात करें तो वो कुछ समय से गायब नज़र आ रहे थे. हालाँकि सूत्रों के मुताबिक पिता से मिलने के लिए वो भी शनिवार को रांची पहुंचेंगे.

तेज प्रताप ने रांची रवानगी से पहले बताया कि वो अपने पिता का आशीर्वाद लेने जा रहे हैं, वहीँ दूसरे तरफ तेजस्वी से कोई संपर्क नहीं हो पाया.

हालाँकि RJD के तरफ एक चिट्टी जारी कि गयी जिसमे लिखा गया है कि, ” सूचित करना है कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद एंव बिहार विधान सभा नेता, प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के निदेशानुसार सूचित करना है कि अगली सुचना जनि होने तक राजद के कोई भी नेता, प्रवक्ता, माननीय विधायक एंव माननीय सांसद किसी भी बहस (Pannel Discussion) में हिस्सा नहीं लेंगे.

अगर कोई व्यक्ति-विशेष स्वयं को राजद का पदादिकारी या नेता बता कर बहस में शामिल होते हैं तो उनके विचारों को राजद का विचार न माना जाये.

यह भी सूचित करना है कि राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ताओं की पूर्व में जारी सूची को निरस्त किया जाता है. एंव जल्द ही प्रवक्ताओं कि नयी सूची जारी की जाएगी.”

गौरतलब है कि तेजस्वी के अचानक गायब होना चर्चा का विषय बन गया है. बता दें कि तेजस्वी यादव लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद से ही अंडरग्राउंड हो गए थे. जिसकी पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं थी. पूछे जाने पर RJD नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा था कि वो इंग्लैंड गए हैं तो वहीं मनोज झा ने कहा था कि वो दिल्ली में ही मौजूद हैं. हालाँकि उनके लापता होने के पोस्टर मुजफ्फरपुर के चौक चौराहों पर लगाए गए हैं.

बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी से बच्चों की हो रही मौत के ऊपर भी वो सरकार के सामने सवाल करते नज़र नहीं आये. जहाँ लोगों की आवाज को सत्तापक्ष तक पहुंचाना चाहिए था वहां भी ग़ायब रहे . हालाँकि अब आमलोग के भी जेहन में सवाल उठ रहा था कि इतनी संख्या में बच्चों की मौत होने की खबर के बावजूद नेता प्रतिपक्ष गायब हैं.

बच्‍चों की मौत को तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार की लापरवाही बताई साथ ही कहा कि बच्चों की मौत को रोकने में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है.

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