Ultimate magazine theme for WordPress.

ये तीन चेहरे जो संभाल सकते हैं कांग्रेस प्रमुख का पदभार

0

बीते बुधवार वो राहुल गाँधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने नए पार्टी प्रमुख की तलाश शुरू कर दी है. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी है कहा कि, कांग्रेस को अपना नया अध्यक्ष चुनने में अब और देर नहीं करनी चाहिए. उनका यह भी कहना था कि वे इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं क्योंकि उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया है.

लोकसभा चुनाव 2019 में हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, हालांकि बहुत से दिग्गज ने नेताओं ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए कहा था लेकिन राहुल गांधी अपने फैसले पर अड़े रहे और इस्तीफा दे दिया.

अब राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद से पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नया चेहरा तलाश रही है. ऐसे में हर किसी की निगाहें अब इस बात पर आ टिकी है कि आखिर कौन होगा कांग्रेस का नया पार्टी प्रमुख. सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या इसबार पार्टी की बागडोर कोई बाहर वाला संभालेगा या फिर से कोई घर वाला ही पार्टी प्रमुख के कुर्सी पर विराजेगा. इस मसले में, राहुल गांधी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष गांधी परिवार के बाहर से होना चाहिए.

ऐसे में ये 3 चेहरे हो सकते हैं जो पार्टी की कमान संभाल सकते हैं

अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री का इस दौड़ में सबसे आगे चल रहा है. कुछ रोज़ पहले पार्टी के सूत्रों ने हमें बताया था की पार्टी के नए अध्यक्ष अशोक गेहलोत हो सकते हैं. हालांकि साथी ही साथ हमें ये भी खबर मिली है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए कोई खास इच्छुक नहीं हैं.

साल 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में अशोक गहलोत कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था. उस चुनाव में अतीत को देखते हुए कांग्रेस का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा जिसका श्रेय अशोक गहलोत को दिया गया था.

गुलाम नबी आजाद

दूसरा चेहरा जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे गुलाम नबी आजाद का हो सकता है. आज़ाद कांग्रेस के एक ऐसे नेता हैं जो 1980 में महाराष्ट्र से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पार्टी में पुराने के साथ साथ मजबूत होते गए हैं.

तीसरा नाम के सी केसी वेणुगोपाल

तीसरा नाम केसी वेणुगोपाल का हो सकता है. मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं वेणुगोपाल अभी भी वे कांग्रेस में संगठन महासचिव के नाते काम कर रहे हैं. संगठन की राजनीति में वे बेहद मजबूत स्थिति में हैं.

Leave A Reply

Your email address will not be published.