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झारखंड-महाराष्ट्र की युवतियों की खरीदफरोख्त कर करता था यौन शोषण

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झारखंड में मानव तस्करी और युवतियों की खरीदफरोख्त हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है. गौरतलब है की इस मुद्दे को कभी भी गहराई से नहीं देखा गया. ऐसा ही एक मामला सामने आया है राजस्थान के चुरु से. यहां युवतियों की कथित खरीदफरोख्त और यौन उत्पीड़न का दिल दहला देने वाली घटना उभर के आयी है.

किसी तरह से आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागी पीड़िताओं ने खुद इस मामले का खुलासा किया है. आपको बता दें कि मूलरूप से झारखंड के साहेबगंज और मुंबई की रहने वाली दो युवतियों ने खुद को बेचे जाने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. युवतियों के मुताबिक और भी लड़कियों को ख़रीदा गया है और बंधक बनाकर रखा गया है.

चुरु के पुलिस अधीक्षक के मुताबिक दोनों युवतियों की शिकायत पर मानव तस्करी और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया गया है. दोनों युवतियों का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किया गया है. फिलहाल मामले की जांच चल रही है.

पुलिस निरीक्षक और मानव तस्करी रोधी सेल के प्रभारी महेंद्र दत्त शर्मा ने कहा, ‘ दोनों युवतियों को यह भी पता चला है कि उन्हें खरीदने वाले व्यक्ति (गोपाल जाट) के भाई जयपाल ने कई लड़कियों को बंधक बनाकर रखा है. इसके बाद दोनों ने मामले का खुलासा करने का फैसला लिया और किसी तरह से उनके चंगुल से निकलने में कामयाब रहीं.’

मुंबई की 24 वर्षीया पीड़िता ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया, ‘मैं पिछले एक साल से अपनी सौतेली मां के साथ अजमेर जिले के किशनगढ़ में रह रही थी. 20 दिन पहले हिसार जिले के आदमपुर मंडी कस्बे के निवासी निक्की ने मां को मेरी शादी कराने का भरोसा देकर झांसा दिया.

वह मुझे और मेरी मां को लेकर चुरु जिले के रायगढ़ में एक अनजान व्यक्ति दिलीप के यहां गया. आदमपुर मंडी निवासी दिलीप के पास मुझे छोड़कर मां और निक्की लौट गए. लेकिन इसके बाद दिलीप ने मुझे चुरु जिले के सरदारपुरा कस्बे में रहने वाले गोपाल जाट को 70 हजार रुपये में बेच दिया.’

मुंबई निवासी पीड़िता ने आगे बताया कि, ‘ जब मैं जाट के घर पहुंची तो मुझे वहां एक अन्य युवती मिली जिसे झारखंड से पांच साल पहले लाया गया था. जब से लाया गया था तब वह नाबालिग थी.

झारखंड निवासी युवती (21 साल) ने बताया कि जाट ने कई बार मेरे साथ दुष्कर्म किया और बाद में भिवानी जिले के गुरेरा गांव में रहने वाले संजय को 85 हजार रुपये में बेच दिया. जब कथित खरीदार संजय को दुष्कर्म करने से रोका तो उसने युवती को जाट के घर दोबारा पहुंचा दिया’

अगर हम देखें तो 2014 में, भारत में मानव तस्करी के मामले में 76 प्रतिशत महिलाओं और लड़कियों की तस्करी की गयी थी. यह अनुमान है कि भारत के रेड लाइट जिलों में 2 मिलियन से अधिक महिलाएं और बच्चे की तस्करी की वजह सेक्स होती है.

यह ध्यान देने वाली बात है कि मानव तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए झारखंड के आदिवासी बाहुल्य जिलों जैसे रांची, खुंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, चाईबासा, दुमका और पलामू में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की स्थापना की गई है. और इसके अलावा CID भी ऐसे मामलों पर नजर रखता है. लेकिन फिर भी झारखंड में मानव तस्करी से जुड़े मामले में संख्या कम होते नज़र नहीं आ रही है.

आंकड़े बताते हैं कि 2014 से मार्च 2017 के बीच लगभग 247 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था – जिनमें 103 महिलाएं थीं. साथ ही साथ 394 मामले दर्ज किए गए और 381 व्यक्तियों को बचाया गया.

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